भाजपा की बुजुर्ग पीढ़ी रियासत की सियासत में भी हाशिये पर है। विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान में भाजपा के भीष्म पितामह कहे जाने वाले पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. मुरली मनोहर जोशी कहीं नजर नहीं आ रहे हैं।
दोनों नेताओं के नाम पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची में है। किसी भी विधानसभा सीट से इन दोनों नेताओं के नाम की डिमांड नहीं की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और अल्पसंख्यक चेहरा शाहनवाज हुसैन एवं मुख्तार अब्बास नकवी की सबसे ज्यादा सभाएं हुई हैं। हेमा मालिनी भी मतदाताओं को वसंती की इज्जत का वास्ता दे रहीं हैं।
मिशन 44 प्लस के नारे के साथ सरकार बनाने के लिए मैदान में उतरी भाजपा हर कदम फूंक -फूंक कर रख रही है। कश्मीर में पहली बार कमल का फूल खिलाने को लालायित पार्टी ने पूरा जोर लगा रखा है। कश्मीरी पंडितों, सिखों के साथ साथ मुस्लिमों पर भी डोरे डाले जा रहे हैं। धर्म गुरुओं को भी इस कार्य में लगाया गया है।