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मोदी के मिशन कश्मीर का पहला फूल घाटी में खिला

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मोदी के मिशन कश्मीर का पहला फूल घाटी में खिल गया है। लंबे समय से घाटी में राजनीतिक प्रतिभागिता के लिए उतावली भगवा ब्रिगेड ने विधान परिषद से अपने इस अभियान का श्रीगणेश किया है। पहली बार घाटी में भाजपा का कोई जनप्रतिनिधि नुमाइंदगी के लिए सामने आया है।
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यों तो पार्टी तथा आरएसएस कैडर की ओर से यहां काफी पहले से सेवा कार्य तथा संगठन को विस्तार दिए जाने की कोशिशें चलती रही हैं, लेकिन पहली बार सदन में नुमाइंदगी से पार्टी में जोश है। दिल्ली चुनाव में मिली करारी पराजय के बाद ठिठकी भाजपा के लिए रियासत में नई सरकार के गठन से पहले थोड़ी आक्सीजन मिलेगी।

कश्मीर से भाजपा प्रत्याशी सोफी युसूफ का विधान परिषद में जाना तय है। हालांकि, आधिकारिक घोषणा तो 21 फरवरी को नाम वापसी के साथ होगी, लेकिन उनके मुकाबले दूसरे दल का कोई भी प्रत्याशी मैदान में नहीं है। सोफी पुराने भाजपाई हैं और तमाम विरोधों को झेलते हुए भी वह शुरू से ही पार्टी से जुड़े रहे हैं।
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उनकी निष्ठा तथा समर्पण को देखते हुए ही पार्टी ने उम्मीदवार बनाया। दो महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने घाटी में जीत के लिए काफी जीतोड़ मेहनत की थी।

अपना एजेंडा लागू करवाना चाहती है भाजपा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीरियों का दिल जीतने के लिए कई दौरे किए। विकास का वायदा किया। कश्मीर को पर्यटन तथा रोजगार से जोड़ने की बात कही। यहां के पानी और जवानी दोनों ही घाटी के काम आए, इसका वायदा किया। लेकिन परिणाम निकलने पर एक भी सीट हाथ नहीं लगी।

इससे पार्टी नेताओं को निराशा जरूर हाथ लगी, लेकिन जम्मू में दोगुनी से भी अधिक विधायकों के जीतने तथा घाटी में भागीदारी की बात कहकर उसने दिलासा दिया। इस बीच पीडीपी के साथ गठजोड़ कर नई सरकार बनाने की दिशा में कदम बढ़े। इसमें भी पार्टी ने खास ख्याल रखा कि यदि सरकार बनती है तो कश्मीर से भी मंत्रिमंडल में भागीदारी होनी चाहिए।

सूत्रों का कहना है कि विधान परिषद में इसी नाते पार्टी ने प्रतिनिधित्व देने का फैसला किया ताकि नई सरकार में उनकी ओर से कश्मीर की भी नुमाइंदगी रहे। सूत्र यह भी कहते हैं कि कश्मीर में अपने एजेंडे को लागू करने में इससे भगवा ब्रिगेड को मदद मिलेगी।

कश्मीरियों के मन में भाजपा के प्रति उपजे भाव को दूर करने तथा राज्य की जनता के पक्ष में काम कर माहौल बनाने की कोशिश होगी। भाजपा नेता डा. निर्मल सिंह कहते हैं कि पार्टी शुरू से ही तीनों खित्तों के समान विकास की बात करती रही है। कश्मीर को प्रतिनिधित्व देना इसी का हिस्सा है।
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केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष रखा पक्ष

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा की अगुवाई में शुक्रवार को  भाजपा कोर ग्रुप की ओर से केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष सरकार गठन को लेकर पीडीपी के साथ चल रही वार्ता खासतौर से न्यूनतम साझा कार्यक्रम को लेकर प्रदेश भाजपा का पक्ष रखा गया।

प्रदेश भाजपा कोर ग्रुप में प्रदेशाध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह, विधायक डा. निर्मल सिंह, महासचिव संगठन अशोक कौल, महासचिव एवं विधायक कविंद्र गुप्ता, महासचिव एवं विधायक बाली भगत, राज्यसभा सदस्य शमशेर सिंह मन्हास, विधायक राजीव जसरोटिया शामिल हैं।

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष का कहना हैं कि केंद्रीय महासचिव राम माधव और महासचिव संगठन राम लाल के साथ जम्मू कश्मीर में सरकार गठन के  अलावा विधान परिषद चुनाव में पार्टी की रणनीति पर चर्चा हुई है। उनका कहना हैं कि न्यूनतम साझा कार्यक्रम के लिए पीडीपी की शर्तों पर भी बैठक में चर्चा हुई।

शर्मा के अनुसार बैठक सकारात्मक माहौल में हुई हैं। केंद्रीय नेतृत्व रियासत में स्थायी सरकार चाहता हैं और इस दिशा में पीडीपी के साथ चर्चा चल रही है। प्रदेश भाजपा कोर ग्रुप ने अपना पक्ष पार्टी नेतृत्व के समक्ष रख दिया है। वहीं पार्टी के केंद्रीय नेताओं के साथ कोर ग्रुप की बैठक से रियासत के सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर गर्माया गया हैं।
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