जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले में फरवरी 2016 में शुरू हुई बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ मुहिम के सकारात्मक नतीजों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सराहना मिली है।आकाशवाणी के मन की बात कार्यक्रम में देश से मुखातिब प्रधानमंत्री ने कहा रीति रिवाजों के प्रति लोगों की सोच में बदलाव आया है।
जब यह समाचार मिलता है कि बेटी के जन्म पर उत्सव मनाया गया। इतना आनंद आता है कि एक तरह से बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच सामाजिक स्वीकृति का कारण बन रही है।तमिलनाडु के कुलूड़ जिले के विशेष अभियान के तहत 175 से ज्यादा बाल विवाह रोकने की प्रशंसा के साथ रियासत के कठुआ जिले का खास जिक्र किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कनवर्जेंस (अभिसरण) के तहत सभी विभागों को एकजुट कर प्रशासन ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ मुहिम को आगे बढ़ाया है। ग्राम पंचायतों और आम लोगों की भागीदारी को सुनिश्चित करने के साथ ही अनाथ बच्चियों को गोद लेकर उनकी शिक्षा सुनिश्चित की गई है।
मन की बात में जिक्र के बाद लोगों में खुशी
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान
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मन की बात कार्यक्रम में कठुआ का उल्लेख किए जाने पर अमर उजाला से बातचीत में जिला उपायुक्त रमेश कुमार ने इस प्रशंसा के लिए लोगाें की भागीदारी को श्रेय दिया। उन्होंने कहा, पहल योजना को समाज ने स्वीकार किया और जन आंदोलन के रूप में लिंग अनुपात सुधारने में सहयोग किया।
जिले के सभी विभागों ने इसमें अहम योगदान दिया है। प्रधानमंत्री द्वारा कठुआ जिले में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत किए गए कार्यों को मन की बात में शामिल किया जाना कठुआ समेत रियासत के लिए गर्व की बात है।
220 गरीब बेटियों को मिली बेहतर शिक्षा
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान
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जिला प्रशासन की ओर से पहल योजना के बाद निजी स्कूलों में दो-दो गरीब बच्चियों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध करवाने की योजना शुरू करवाई गई है। शिक्षा सत्र के दौरान 220 ऐसे बेटियों को प्रोत्साहित किया गया, जिनकी आर्थिक परिस्थितियां उनकी शिक्षा में बाधा बन रही थी।
राष्ट्रीय बालिका दिवस पर दिल्ली में आयोजित समारोह में कठुआ जिला उपायुक्त रमेश कुमार को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में अनुकरणीय प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जा चुका है। कठुआ को देश के उन दस जिलों में शामिल किया गया है, जिन्होंने महत्वपूर्ण और प्रभावी योगदान से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान से बदलाव लाने की दिशा में उल्लेखनीय काम किया है।