बंजर पहाड़ों पर भी अब केसर की खेती होगी। कृषि विभाग ने एक हजार हेक्टेयर पर अतिरिक्त खेती का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत उन क्षेत्रों में भी केसर की खेती होगी, जहां पर पहले नहीं होती थी। कई पहाड़ी इलाकों में संभावनाएं हैं और खेती न होने से यह बंजर पड़े हुए हैं। विभाग इन क्षेत्रों को चिह्नित कर खेती करेगा।
इसके तहत कई जगहों पर ट्रायल भी किए गए हैं, जिसके नतीजे सफल हुए हैं। अब विभाग इन क्षेत्रों को मिशन सैफरान के तहत विकसित करेगा। जानकारी के अनुसार कश्मीर के पांपोर और किश्तवाड़ के कुछ हिस्से में भी मुख्य रूप से केसर की खेती होती है। लेकिन अब राजोरी, पुंछ, भ्रदवाह, कठुआ, उधमपुर के कुछ क्षेत्रों में केसर की खेती होगी।
इन पहाड़ी इलाकों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इसके ट्रायल भी किए गए हैं, जिसके नतीजे सफल हुए हैं। केसर की खेती के लिए एक ऐसा क्षेत्र चाहिए होता है, जहां न गर्मी हो न ही सर्दी। पानी भी एकदम पर्याप्त मात्रा में चाहिए। इसलिए इन पहाड़ी इलाकों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों को चुना गया है।
यहां पर यह सब चीजें हैं। कृषि विभाग के आयुक्त सचिव असगर सामून का कहना है कि एक हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त केसर की खेती करनी है। इसमें इन इलाकों को भी शामिल किया गया है। जहां इस साल केसर की खेती होगी।