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जम्मू-कश्मीर: महबूबा मुफ्ती के मंत्रिमंडल का विस्तार इसी महीने संभव

Sun, 09 Oct 2016 11:30 AM IST
बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला/जम्मू
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सीएम महबूबा मुफ्ती और ड‌िप्टी सीएम निर्मंल सिंह - फोटो : Amar Ujala
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छह महीने पुरानी महबूबा की सरकार में मंत्रिमंडल का विस्तार इसी महीने संभव है। पीडीपी की ओर से दो नए चेहरे शामिल किए जाएंगे। सहयोगी भाजपा के साथ इस बाबत बात कर ली गई है। श्रीनगर में दरबार बंद होने से पहले शपथग्रहण कराया जा सकता है। इसी सप्ताह नई दिल्ली में प्रधानमंत्री तथा भाजपा अध्यक्ष से मुख्यमंत्री की मुलाकात के बाद ही मंत्रिमंडल विस्तार तय हो गया था। 
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पीडीपी के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक पूर्व मंत्री अल्ताफ बुखारी को मंत्री बनाया जाना तय है। तारिक हामिद कर्रा के पार्टी छोड़ने के बाद श्रीनगर में पार्टी उन्हें अपने चेहरे के रूप में आगे करेगी। पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के पास रिपोर्ट है कि कश्मीर हिंसा के दौरान उनकी भूमिका सराहनीय रही है।

वो लोगों के बीच जाकर वे शांति बहाली की अपील करते देखे गए। वह भी ऐसे समय में जब अन्य मंत्री घरों में थे। साथ ही अलगाववादियों तथा पत्थरबाजों का निशाना बनने का भी खतरा था। सूत्र तो यहां तक कहते हैं कि कर्रा के इस्तीफे के बाद अलगाववादियों तथा अन्य ने विरोध का स्वर बुलंद करने के लिए बुखारी पर डोरे डाले थे, लेकिन, इसे उन्होंने खारिज कर दिया था। 
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दक्षिण कश्मीर से नुमाइंदगी के लिए लाबिंग

जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती - फोटो : Amar Ujala
बुखारी के अलावा जावेद मुस्तफा मीर, मो. अशरफ मीर तथा अब्दुल मजीद पाडर जिन्हें महबूबा के कैबिनेट में स्थान नहीं मिल सका था भी दावेदार बताए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल भी संभव है। इसके लिए भी पीडीपी और भाजपा में उठापटक शुरू हो गई है।  

पार्टी का एक बड़ा वर्ग दक्षिण कश्मीर से कैबिनेट में नुमाइंदगी की पुरजोर वकालत कर रहा है। पार्टी महासचिव सरताज मदनी के लिए लाबिंग की जा रही है। हालांकि, महबूबा उन्हें संगठन में ही रखना चाहती हैं। मदनी को कैबिनेट में शामिल करने में सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे दोनों सदनों में से किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। यदि यह लाबी मजबूत पड़ी तो उन्हें अगले छह महीनों में विधान परिषद की खाली हो रही सीट पर नामित करना पड़ेगा। 
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