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जम्मू कश्मीर में 3 दिन इंटरनेट ठप होने से करोड़ों का नुकसान

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रियासत में तीन दिन इंटरनेट सेवा ठप होने से करोड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ है। भले वह ट्रेवल एजेंट हों या फिर रियासत की सबसे बड़ी अनाज मंडी। इंटरनेट सेवा बाधित होने से उन्हें भारी नुकसान हुआ। कमोडिटी एक्सचेंज में उतरने वाले निवेशकों को भी भारी झटका लगा है।
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इसके अलावा शहर के इंटरनेट कैफे का काम पूरी तरह ठप रहा। इंडियन एसोसिएशन आफ ट्रेवल आपरेटर (आईएटीओ) के पूर्व चेयरमैन कैप्टन अनिल गौड़ के अनुसार रियासत में लगभग दो हजार ट्रेवल एजेंट कार्यरत हैं।

पिछले तीन दिनों से काम पूरी तरह ठप है। बाहर की बुकिंग के अलावा लोकल होटल, कार और एयर टिकट की बुकिंग नहीं हो पा रही। पिछले तीन दिनों में लाखों का नुकसान हो चुका है।
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नहीं हो पाई ट‌िकटों की बुक‌िंग

हालांकि गौड़ कहते हैं कि तीन दिनों का नुकसान सहा जा सकता है, बशर्ते कानून व्यवस्था दुरुस्त रहे, क्योंकि यदि अभी हालात खराब होते तो उसका असर आने वाले पर्यटन सीजन में पड़ना लाजिमी था। इसलिए तीन दिन का नुकसान सहना ज्यादा अच्छा है, बशर्ते भविष्य में ज्यादा नुकसान हो।

हाल रेलवे की टिकट बुकिंग करवाने वालों का है। शहर में ही 1500-1600 रेलवे की ई टिकट बुकिंग एजेंट हैं। तीन दिन में इन काउंटरों पर एक भी टिकट बुकिंग नहीं हुई। सरवाल स्थित ट्रेवल एजेंट सचिन गुप्ता का कहना है कि आजकल गली मोहल्लों में ई टिकट बुकिंग के काउंटर हैं।

इसमें मुख्य रूप से बचत सुबह के समय तत्काल में होती है, लेकिन वह नहीं हो पाई। कुछ लोगों की इमरजेंसी में टिकटें अन्य राज्यों से करवाई गईं, लेकिन यह संभव नहीं है। शनिवार और रविवार के लिए टिकटों का भारी दबाव होता है और इन दिनों में ही उन्हें इंटरनेट बंद का सामना करना पड़ा।
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कमोडिटी बाजार पर सबसे ज्यादा असर

इन सबके बीच कमोडिटी बाजार में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। शेर खान के एजेंट अजय कपूर कहते हैं कि शुक्रवार को ईद और फिर शनिवार और रविवार की छुट्टी होने के कारण शेयर बाजार पर तो कोई असर नहीं पड़ा, लेकिन कमोडिटी में भारी उथल-पुथल देखने को मिली।

शुक्रवार की शाम कमोडिटी बाजार हुआ, लेकिन जम्मू के निवेशक इससे वंचित रहे। इसका सबसे ज्यादा नुकसान यह हुआ कि कई निवेशकों का निवेश वापस न होने से भी उन्हें नुकसान उठाना पड़ा।

इसके अलावा शुक्रवार के बाद ‘बैक आफिस’ काम होता है, जिसमें निवेशक अपने सप्ताह या माह का हिसाब-किताब करता है, लेकिन इंटरनेट बंद होने से वह भी नहीं हो पाया।
 
रियासत की सबसे बड़ी अनाज मंडी वेयर हाउस के व्यापारी कीर्ति गुप्ता कहते हैं कि कई कारोबारी का लिंक देश की बड़ी मंडियों से होता है। पल-पल में अनाज का रेट उठता-गिरता रहता है, लेकिन शुक्रवार और शनिवार को व्यापारियों को काफी समस्या हुई। टेलीफोन पर देश की बड़ी मंडियों से रेट तो मिले, लेकिन वह काफी देर में मिल पाए, जबकि नेट पर तत्काल रेट मुहैया होते हैं।
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