उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले के हाजिन में हाल ही में एक मुठभेड़ के दौरान आतंकियों ने बंधक बनाकर 12 वर्षीय आतिफ मीर को मौत के घाट उतार दिया। इस सदमे से अभी तक परिवार नहीं उबर पाया है। परिवार ही नहीं बल्कि आतिफ के करीबी दोस्त और उसके स्कूल के सहयोगी छात्र भी गहरे सदमे में हैं। कुछ तो ऐसे हैं जिन्हें आज भी अफसोस है कि वह अपने इस दोस्त का चेहरा आखिरी बार नहीं देख पाए।
आतिफ के करीबी दोस्तों में से एक है मोहम्मद उजैर (12), जिसे आज भी अपने दोस्त के बिछुड़ने का गम है। उसे इतना दुख पहुंचा है कि बात करते समय आंसू टपकने लगते हैं। उजैर 5वीं कक्षा का छात्र है ने कहा, ‘मैंने एक महीने से उसे नहीं देखा था। हम दरगाह में दोस्त बने थे, जहां हम कुरान पाक पढ़ने जाते थे।
अक्सर हम दोनों ईदगाह ग्राउंड में क्रिकेट और अन्य खेल खेला करते थे’ उजैर ने यह भी कहा कि मुझे काफी दुख है कि मैंने अपने दोस्त का चेहरा आखिरी बार नहीं देखा। बता दें कि उजैर का एक फोटो भी वायरल हुआ जिसमें वो अपने दोस्त आतिफ के जनाजे में ऊंचाई पर चढ़कर अपने दोस्त की आखिरी झलक देखने को बेताब दिख रहा है, और उसकी आंखों से आंसू भी छलक रहे हैं।
एक अन्य दोस्त उवेस ने बताया कि वह दोनों एक साथ आर्मी गुडविल स्कूल हाजिन में पढ़ते थे। उसने बताया कि आतिफ पढ़ाई और खेलकूद में काफी होशियार था। साथ ही उसे इलेक्ट्रानिक गजेट्स का भी शौक था। उसके जाने का उसे काफी दुख है और हमेशा रहेगा। उवेस ने बताया कि उसे आज भी यकीन नहीं हो रहा कि वह हमें छोड़कर चला गया है।
इस बीच आर्मी गुडविल स्कूल हाजिन के प्रिंसिपल ने बताया कि आतिफ को हम एक अच्छे और होनहार छात्र के रूप में याद रखेंगे, जो 90% से ऊपर अंक हासिल करता था। उन्होंने बताया कि उसकी मौत के बाद से ही स्कूल बंद रहा और मंगलवार को खुलेगा। बता दें कि आतिफ अब सैनिक स्कूल मानसबल में दाखिला लेना चाहता था, जिसके लिए 7 अप्रैल को उसे परीक्षा में भी बैठना था।
गौरतलब है कि करीब 24 घंटे तक हाजिन के मीर मोहल्ले में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच चली मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने आतिफ को रिहा कराने के काफी प्रयास किए लेकिन आतंकी अली भाई ने आतिफ की बहन से शादी करने की जिद के चलते उसे बंधक बनाए रखा और आखिर में उसका छुरे से गला रेत कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस मुठभेड़ में शुरू में आतंकियों ने आतिफ सहित कुल 8 लोगों को बंधक बनाया हुआ था, जिसमें से 7 को सुरक्षित छुड़ा लिया गया।