खासकर अनंतनाग और पहलगाम से अमरनाथ यात्री गुजरते हैं। पिछले कुछ समय से सुरक्षाबलों ने दक्षिण कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज किया है। रमजान से लेकर अब तक 40 से ज्यादा आतंकी मारे जा चुके हैं। अब एक साल से निष्क्रिय चल रहे आतंकी संगठन ने सीआरपीएफ गश्ती दल पर हमले की जिम्मेदारी ली है। यात्रा से ठीक पहले हमला होने से सुरक्षा एजेंसियां चौकस हो गई है। 1 जुलाई से अमरनाथ यात्रा शुरू होने जा रही है। तैयारियां जोरों पर चल रही है।
112 आतंकी मारे जा चुके अब तक
जैश ए मोहम्मद के अभी तक 112 आतंकवादियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। ये आतंकवादी अलग-अलग जगहों में आतंकी वारदातों को अंजाम दे चुके थे। सुरक्षाबलों के शिविरों में भी हमले में आतंकियों का हाथ रहा है।
पिछले साल यात्रियों पर हुआ था हमला
10 जुलाई 2017 को लश्कर के कमांडर अबू इस्माइल ने अमरनाथ यात्रा के पारंपरिक रूट पर श्रद्धालुओं की बस पर हमला किया था। इसमें आठ यात्री की मौत हो गई थी जबकि 18 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसमें लश्कर के आतंकी यावर वसीद, फुलकान और अब माविया शामिल थे। इन्हें बाद में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में मार गिराया था।