जम्मू। चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू ने व्यापारी समुदाय के कल्याण के लिए वैट और पावर एमनेस्टी योजना की मांग की है। इसके साथ ई वे बिल की राशि सीमा को बढ़ाया जाएगा। जीएसटी रिटर्न लंबित मामलों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए। चैंबर के एक शिष्टमंडल ने अध्यक्ष अरुण गुप्ता के नेतृत्व में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुल्लू से मुलाकात कर व्यापारियों की मांगों के समर्थन एक ज्ञापन सौंपा।
अध्यक्ष गुप्ता ने कहा कि वैट और पावर एमनेस्टी योजना के तहत डिफाल्टर्स बिना ब्याज और जुर्माने के अपना बकाया जमा कर सकते हैं। लेकिन निरंतर लाकडाउन और वित्तीय संकट के कारण कुछ व्यापारी योजना का लाभ नहीं उठा सके, इसलिए वैट जमा करने का एक और मौका मिलना चाहिए। इसके साथ बिना ब्याज और जुर्माने के बिजली बिल को लिया जाए। ई वे बिल की राशि सीमा 50 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये की जाए। इसके साथ पहले की तरह होटल व्यावसायियों से बिजली बिल उद्योगों की तर्ज पर वसूला जाए।
जो उद्योग वर्ष 2017 में एसजीएसटी का दावा नहीं कर सके, उन्हें राशि का दावा करने का मौका दिया जाना चाहिए। इसी तरह कोविड लाकडाउन के दौरान रिटर्न न भरने वाले व्यापारियों को मौका दिया जाए। ऐसे कई व्यापारियों ने निर्धारित तिथि के बाद रिटर्न भरी है और उनके मामलों को प्राथमिकता पर लिया जाए। द सिटीजन्स कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड जम्मू के पुनरुद्वार में सरकारी मदद की मांग की गई। व्यापारियों को 5 फीसदी ब्याज सब्सिटी का विस्तार किया जाए।