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जम्मू-कश्मीर: महबूबा ने जम्मू में निकाली रैली, कश्मीरियों का कत्लेआम बंद करो के लगाए नारे 

Wed, 17 Nov 2021 01:33 PM IST
विमल शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती बुधवार ने बुधवार को जम्मू स्थित पार्टी कार्यालय से समर्थकों के साथ रैली निकाली। उन्होंने केंद्र सरकार पर कई आरोप लगाए। रैली के दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ कश्मीरियों का कत्लेआम बंद करो के नारे भी लगाए।
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जम्मू में पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती। - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती बुधवार ने बुधवार को जम्मू स्थित पार्टी कार्यालय से समर्थकों के साथ रैली निकाली। उन्होंने केंद्र सरकार पर कई आरोप लगाए। रैली के दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ कश्मीरियों का कत्लेआम बंद करो के नारे भी लगाए। मुफ्ती ने फिर कड़े तेवर में हैदरपुरा मुठभेड़ पर कहा कि अब कश्मीर में आतंकियों के साथ निर्दोष लोगों को मारा जा रहा है।

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इस मुठभेड़ में घर के मुखिया को शील्ड बनाकर आगे किया गया। तकलीफ होती है कि अब आतंकियों के साथ लड़ते-लड़ते आम लोगों को भी गोली से निशाना बनाना शुरू कर दिया गया है। यह गलत है। महबूबा ने यूपी चुनाव को लेकर भाजपा सरकार की ओर इशारा करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है। लेकिन सरकार के पास उसका कोई समाधान नहीं है। किसान एक साल से सड़क पर हैं, उसका कोई जवाब नहीं है।

इनके पास एक ही मशीन, एक ही फैक्ट्री चलती है और वह है हिंदू-मुसलिम में झगड़ा करवाओ। यूपी के चुनाव नजदीक हैं। पहले लोगों के पास सरकारें जाती थीं तो कहती थीं कि हमने इतनी सड़कें और पुल बनवाए। रोजगार दिया। फैक्ट्री लगाई। लेकिन इनके पास कहने को कुछ नहीं है और हिंदू-मुसलिम के नाम पर वोट मांगने का खेल शुरू कर दिया गया है। लोगों खासतौर पर युवाओं को ऐसे वातावरण से सचेत रहना चाहिए। 
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अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद बाहर वालों और स्थानीय युवाओं को कितना रोजगार दिया। हरियाणा सरकार ने घोषणा की है कि वह 75 फीसदी स्थानीय युवाओं को सरकारी नौकरी देगी। पंजाब ने भी ऐसा ही आदेश निकाला है। जम्मू-कश्मीर में भी ऐसी घोषणा की जाए। आज यहां का दुकानदार परेशान है। टिप्पर वालों के लिए कुछ नहीं सोचा जा रहा है। बाहर वाले रेत-बजरी, शराब के ठेके ले रहे हैं। राजनीतिक शह पर गुंडा तत्व झगड़ा करवाने का काम कर रहे हैं।

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