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महबूबा ने अलगाववादियों को जमकर लगाई लताड़

Wed, 22 Jun 2016 09:57 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर

सार

  • कहा, संविधान के विशेष प्रावधानों का ख्याल रखना हुर्रियत का काम नहीं
  • भाजपा से गठबंधन से रियासत में अमन आता है तो हजार मर्तबा गठबंधन
  • बोलीं, उपदेशक अनुच्छेद 370 के बजाय महिला उत्पीड़न के खिलाफ बोलें
  • विधानसभा में नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस पर भी किया हमला
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सीएम महबूबा मुफ्ती - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अलगाववादियों को जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने कहा कि वे गैरजरूरी विवाद खड़े कर रहे हैं। उन्हें अनुच्छेद 370 पर बेतुके विवाद खड़े करने के बजाए लोगों और राज्य के पर्यावरण को बचाने पर फोकस करना चाहिए।
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महबूबा ने कहा उन्हें हैरत होती है कि मुस्लिम उपदेशक अपने उपदेशों में अनुच्छेद 370 पर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। सवाल किया आखिर अनुच्छेद 370 है क्या। इसकी प्रासंगिकता तभी है जब रियासत में अमन चैन हो। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में स्पष्ट कहा कि अलगाववादियों के साथ बातचीत केवल माहौल सुधरने के बाद ही मुमकिन है। 

विधानसभा में अपने विभागों की अनुदान मांग पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस पर भी जमकर प्रहार किए। महबूबा ने कहा कि ये दोनों दल भाजपा के साथ पीडीपी के गठबंधन पर सवाल उठाते रहे हैं। यदि गठबंधन रियासत में अमन और सम्मान का माहौल स्थापित करता है तो वे भाजपा के साथ हजार मर्तबा गठबंधन करेंगी।
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'संविधान के विशेष प्रावधानों का ख्याल रखना उपदेशकों का काम नहीं'

महबूबा मुफ्ती - फोटो : फाइल
​महबूबा ने कहा गठबंधन जनता के फैसले को सम्मान देने से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि इस फैसले पर उन्हें सफाई देने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह फैसला उनके पिता का है और उनके लिए पिता का फैसला पत्थर की लकीर है। 

महबूबा ने हुर्रियत चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक का जिक्र करते हुए कहा संविधान के विशेष प्रावधानों का ख्याल रखना उपदेशकों का काम नहीं है। यह केवल मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों का काम है। अनुच्छेद 370 की रक्षा की बात करने वाले कुछ और ही चाह रहे हैं। इस अनुच्छेद को केवल हम विधायक ही बचा रहे हैं।

उन्होंने कहा ये उपदेशक महिला और लड़कियों के साथ होने वाली प्रताड़ना पर कुछ क्यों नहीं बोलते। अपने उपदेशों में पर्यावरण और जल संसाधनों को जगह नहीं देते। कहा कि वे खुद एक उपदेशक परिवार से संबंध रखती हैं। कहा कि हमे मिलकर पर्यावरण और जल संसाधनों की रक्षा करनी होगी। बरसों बरस हमने झेलम नदी में कचरा फेंका।

इसके जवाब में झेलम नदी ने बाढ़ के माध्यम से सारा कचरा वापस घरों में जमा कर दिया जो दस दिन तक पड़ा रहा। इसके बावजूद हम कोई सबक नहीं ले पाए हैं। 
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