कड़ी सुरक्षा के बीच अनंतनाग सीट पर उपचुनाव के लिए मात्र 34 फीसदी मत पड़े। चुनाव में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती सहित आठ प्रत्याशी भाग्य आजमा रहे हैं।
अलगाववादियों के बहिष्कार की घोषणा, हिजबुल के चुनाव बहिष्कार की धमकी वाले पोस्टर तथा हाल की आतंकी घटनाओं के चलते चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। आशा के विपरीत कम मतदान होने से कयासबाजी का दौर भी शुरू हो गया है।
विधानसभा सीट के लिए सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक जारी रहा। मुख्य चुनाव अधिकार शांतमनु ने बताया कि कुल 84, 067 मतदाता हैं और 93 प्रतिशत मतदाताओं को दो दिन पहले वोटर पर्ची जारी कर दी गई थी। वोटिंग के लिए 117 केंद्र बनाए गए थे जिनमें 15 पोलिंग स्टेशन जम्मू, उधमपुर और दिल्ली में विस्थापितों के लिए थे।
कश्मीरी पंडितों के लगभग 1790 वोट थे। इन सभी स्थानों पर 118 ईवीएम मशीन का इस्तेमाल किया गया। जम्मू के गंग्याल में ईवीएम के खराब होने पर उसे बदला गया। पोलिंग के लिए 582 स्टाफकर्र्मी तैनात किए गए थे। इनमें पोलिंग अफसर समेत पर्यवेक्षक भी शामिल हैं।
5 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग और वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई थी। शांतमनु ने बताया कि 2014 के चुनावों में अनंतनाग में 39 प्रतिशत और 2008 में 41 प्रतिशत मतदान हुआ था। लोकसभा चुनावों में 2014 में 18 और 2009 में 22 प्रतिशत रहा था।