मुख्यमंत्री एवं पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उनकी पार्टी का बुनियादी उद्देश्य भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू कश्मीर रियासत को शांति का पुल बनाना है। महबूबा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास पर बुधवार शाम को हुई पीडीपी की जनरल काउंसिल की बैठक में केंद्र और राज्य के बीच विश्वास को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
महबूबा ने कहा कि जम्मू कश्मीर के लोगों ने काफी बुरा वक्त देखा है और पीडीपी ने स्थापना के बाद से ही कोशिश की है कि शांति, विकास और स्थिरता के लिए वातावरण तैयार हो। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के मध्य अगर शांति प्रक्रिया शुरू होती है तो जम्मू कश्मीर राज्य के लोगों को इससे सबसे बड़ा लाभ होगा।
उन्होंने टकराव को दूर करने के लिए वार्ता की जरूरत दर्शाई। उन्होंने स्वर्गीय मुफ्ती मोहम्मद सईद ने दोनों पड़ोसी देशों में बातचीत शुरू कर मसलों के हल की तरफ आगे बढ़ने का रोड मैप दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा पीडीपी मुफ्ती मोहम्मद सईद के रोड मैप को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
महबूबा ने कहा, पीडीपी हिंसा से लक्ष्य हासिल करने को खारिज करती है। उन्होंने कहा कि हालिया घटनाओं में जान माल का नुकसान हुआ है और बातचीत की प्रक्रिया को झटका लगा है। टकराव के समय में भी रियासत के लोगों ने भाईचारे को बनाए रखा। यह पक्ष रियासत को मजबूती प्रदान करता है।
उन्होंने एलओसी और आईबी पर हिंसा की घटनाओं पर चिंता जताई और कहा कि इससे जानमाल के नुकसान के अलावा सरहदी इलाकों के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नेतृत्व शांति की दिशा में कदम बढ़ाएगा। उन्होंने पार्टी नेताओं से रियासत में पार्टी की गतिविधियों को बढ़ाने की भी हिदायत दी। इस अवसर पर महासचिव सरताज मदनी, निजामद्दीन भट्ट, महबूब इकबाल, कई मंत्री, विधायक, जिला प्रधान व जोनल प्रधान भी मौजूद रहे।