जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
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पहले ही मंत्रिमंडल विस्तार के बाद उठे बवंडर को थामने के लिए पीडीपी डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। इस्तीफा देने वाले नाराज मंत्रियों को मनाने की कवायद जारी है। पार्टी के छह और विधायक असंतुष्ट बताए जा रहे हैं, जिन्हें मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला।
पंचायत चुनाव तथा लोकसभा की दो सीटों के उपचुनाव से पहले पार्टी में उपजे असंतोष से मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की चुनौतियां भी बढ़ गईं हैं। मंत्रिमंडल विस्तार के कुछ ही घंटे बाद दो मंत्रियों के इस्तीफे के बाद पार्टी के रणनीतिकार तत्काल स्थिति को संभालने में जुट गए। सूत्रों का कहना है कि स्वयं महबूबा ने भी नाराज मंत्रियों से बात कर उन्हें इस्तीफा वापस लेने के लिए कहा। हालांकि, अभी दोनों मंत्रियों ने इस्तीफा वापस नहीं लिया है।
इस स्थिति में पार्टी अध्यक्ष और इस्तीफा देने वाले मंत्रियों के समक्ष काफी विषम स्थिति उत्पन्न हो गई है। यदि मंत्रियों ने इस्तीफा वापस ले लिया तो उन्हें क्षेत्र में लोगों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है। उनके राजनीतिक कॅरियर पर भी संकट उत्पन्न हो सकता है।
सियासी संकट में महबूबा के सामने दोहरी चुनौती
MEHBOOBA MUFTI
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यदि महबूबा ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया तो पार्टी में असंतोष को और बल मिल सकता है। पार्टी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि असंतोष दो मंत्रियों तथा संगठन के एक पदाधिकारी की ओर से हर फैसले में हस्तक्षेप को लेकर बढ़ा है। बताते हैं कि संगठन के इस पदाधिकारी के इशारे पर ही सरकार के सारे फैसले हो रहे हैं।
पार्टी को इस बात की भी चिंता है कि कश्मीर घाटी में प्रतिद्वंद्वी नेकां की ओर से पंचायत तथा लोकसभा उपचुनाव के दौरान इस असंतोष को भुनाने की भरपूर कोशिश की जाएगी। हालांकि, पीडीपी के एक मंत्री ने बताया कि जल्द सब कुछ सामान्य हो जाएगा। पार्टी के अन्य विधायकों की नाराजगी से इनकार करते हुए कहा कि यह सब अटकलें भर हैं।
भाजपा, नेकां और कांग्रेस की हालात पर नजर
सीएम और डिप्टी सीएम
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पीडीपी में तेजी से बदले घटनाक्रम पर सरकार में सहयोगी भाजपा, नेकां और कांग्रेस की पैनी नजर है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा का कहना है कि यह पीडीपी का आंतरिक मामला है। सरकार पर कोई असर पड़ने वाला नहीं है।
नेकां के संभागीय प्रधान देवेंद्र सिंह राणा और कांग्रेस के प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने भी कहा कि यह पीडीपी का अपना मसला है। लेकिन, साथ ही कहा कि इससे पार्टी में असंतोष खुलकर सामने आया है। यह बताता है कि पीडीपी में सब कुछ सामान्य नहीं है।