पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लाम के फ लह-ए-आम ट्रस्ट (एफएटी) द्वारा संचालित विद्यालयों पर पाबंदी लगाना जम्मू-कश्मीर के लोगों के भविष्य को कुचलने के लिए उन पर किया गया एक और अत्याचार है। भूमि स्वामित्व, संसाधनों एवं नौकरियों के बाद अब आखिरी निशाना शिक्षा है।
नौकरियों के बाद अब आखिरी निशाना शिक्षा है
महबूबा ने ट्वीट किया कि एफएटी संचालित विद्यालयों पर पाबंदी का यह कदम जम्मू-कश्मीर के लोगों के भविष्य को कुचलने के लिए उन पर किया गया एक और अत्याचार है। भूमि स्वामित्व, संसाधनों एवं नौकरियों के बाद अब आखिरी निशाना शिक्षा है। मुझे यकीन है कि कश्मीरी निश्चित ही इससे उबरेंगे और अपने बच्चों को परेशान नहीं होने देंगे।
15 दिनों के भीतर सील करने को कहा गया स्कूल
ज्ञात हो कि स्कूल शिक्षा सचिव द्वारा जारी आदेश में विभिन्न जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को एफ एटी संचालित विद्यालयों को जिला प्रशासन के साथ परामर्श के बाद 15 दिनों के भीतर सील करने को कहा गया है।
यह कदम जम्मू-कश्मीर पुलिस की राज्य जांच एजेंसी की जांच के आधार पर उठाया गया है। एजेंसी ने इन विद्यालयों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के अलावा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया है।