पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस बार फिर रामबाग मुठभेड़ पर सवाल उठाए है। उन्होंने इस बारे में ट्वीट कर कहा कि अधिकारियों का बयान जमीनी स्थिति से मेल नहीं खाता।
पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने गुरुवार को कहा कि रामबाग इलाके में हुई मुठभेड़ को लेकर शक पैदा हो रहे हैं। इस ऑपरेशन में सुरक्षाकर्मियों ने तीन आतंकवादियों को मार गिराया था। श्रीनगर में हाल में आम नागरिकों की हत्या के मामले में वांछित द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) आतंकवादी संगठन के सरगना समेत तीन आतंकवादियों को सुरक्षा बलों ने बुधवार को मार गिराया था।
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महबूबा ने ट्वीट किया, कल रामबाग में हुई कथित मुठभेड़ के बाद उसकी प्रामाणिकता को लेकर जायज शक पैदा हो गए हैं। पीडीपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि खबरों और चश्मदीदों के मुताबिक ऐसा लगता है कि गोलीबारी एकतरफा थी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘एक बार फिर आधिकारिक बयान जमीनी हालात से मेल नहीं खाता जैसा कि शोपियां, एचएमटी और हैदरपोरा में देखा गया था। मारे गए आतंकियों की पहचान टीआरएफ सरगना मेहरान शल्ला और पुलवामा निवासी मंजूर अहमद मीर और अराफात शेख के तौर पर की गई है।