भाजपा-पीडीपी में मंत्रालयों पर फंसे पेच की वजह से शपथ ग्रहण समारोह में कुछ दिन की देरी संभव है। दोनों दलों में पहले 29 मार्च को शपथ ग्रहण समारोह पर सहमति बन रही थी, लेकिन मंत्रालयों पर रार से अप्रैल महीने के पहले या दूसरे सप्ताह तक शपथ ग्रहण समारोह खिसकने के आसार बन गए हैं।
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पीडीपी अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार महबूबा मुफ्ती भाजपा को दस माह तक चली गठबंधन सरकार की तरह ही मंत्रिमंडल में जगह देना चाहती है। भाजपा इस बार मंत्रिमंडल में बराबरी चाहती है।
इसके चलते दोनों पार्टियों के नेताओं जिसमें भाजपा विधायक दल के नेता डा. निर्मल सिंह के महबूबा मुफ्ती के अलावा पीडीपी सांसद मुज्जफर हुसेन बेग से मुलाकात के बाद भी शपथ ग्रहण समारोह की तारीख तय नहीं हो पाई है।
पुराने मंत्रियों को नहीं मिल सकती है
राम माधव
- फोटो : Amar Ujala
हालांकि पीडीपी प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री नईम अख्तर का कहना है कि भाजपा पीडीपी में सब तय कार्यक्रम के तहत हो रहा है। दोनों पार्टियों में कोई मतभेद नहीं है। भाजपा के उपमुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार डा. निर्मल सिंह का कहना है कि सरकार बनाने में जो औपचारिकताएं होती हैं, उस पर दोनों दल चर्चा कर रहे हैं। इसका यह मतलब नहीं है कि दोनों दलों में मतभेद हैं।
भाजपा मुख्यालय कच्ची छावनी में शनिवार को दिन भर हलचल रही। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा, उपमुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार डा. निर्मल सिंह, महासचिव संगठन अशोक कौल समेत कई पूर्व मंत्री, विधायक पार्टी मुख्यालय कच्ची छावनी में मौजूद रहे। बैठकों का दौर जारी रहा। सरकार गठन से लेकर मंत्रालयों पर माथापच्ची हुई।
पार्टी सूत्रों के अनुसार दस माह तक चली पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के समय मंत्री रहे कई को इस बार मंत्री बनने का मौका नहीं मिलेगा। भाजपा मंत्री बनाने पर क्षेत्र से लेकर हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देना चाहती है। इसके अलावा पीडीपी के साथ मंत्रालयों पर मतभेद भी है।
भाजपा चाहती है गृह मंत्रालय
निर्मल सिंह भाजपा विधायक दल के नेता हैं।
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भाजपा चाहती है कि गृह मंत्रालय के अलावा योजना और विकास व वित्त मंत्रालय इस बार भाजपा को मिले। दूसरी ओर कई भाजपा विधायक भी पार्टी नेतृत्व से मुलाकात कर मंत्री बनने का दावा पेश कर रहे हैं।
दूसरी ओर शनिवार को गेस्ट हाउस नंबर एक में रुकी पीडीपी अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार महबूबा मुफ्ती ने पार्टी नेताओं सांसद मुज्जफर हुसेन बेग, तारिक हमीद कर्रा, वरिष्ठ नेता सरताज मदनी, अब्दुल रहमान वीरी और पूर्व मंत्री नईम अख्तर के साथ सरकार गठन के अलावा मंत्रालयों के विभाजन पर चर्चा हुई है।