मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा, रियासत में भरोसे का पुल बांधने में देश को मदद करनी होगी। विश्वास की खाई पाटने के लिए क्रास एलओसी ट्रेड और राजनीतिक गतिविधियों को बढ़ावा देना होगा।
नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित कर रहीं महबूबा ने कहा, जम्मू-कश्मीर मध्य एशिया का गेटवे है तो फिर हम क्यों न आर्थिक विकास में हिस्सेदार बनें। सीपैक (चीन पाकिस्तान इकोनॉमिक कोरीडोर) जैसी परियोजनाओं का फायदा उठाएं। उन्होंने कहा, सिंधु जल संधि में जम्मू-कश्मीर के साथ भेदभाव हुआ है। बिजली परियोजनाएं वापस कर इसकी भरपाई की जानी चाहिए।
राज्यपाल एनएन वोहरा की अध्यक्षता में चले सेमिनार के सत्र में महबूबा ने कहा, जम्मू-कश्मीर को आर्थिक गतिविधियाें का बड़ा केंद्र बनाया जा सकता है। व्यापार, पर्यटन, एडवेंचर सरीखी गतिविधियों को प्रोत्साहन देना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ऐतिहासिक जम्मू-सियालकोट व्यापारिक मार्ग खोला जाना चाहिए।
राजनाथ से मिलीं महबूबा, एलओसी ट्रेड को बहाल करने की मांग
MEHBOOBA MUFTI
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रियासत में विश्वास बहाली पर जोर देकर महबूबा ने कहा, हमें कुछ इलाकों से अफस्पा हटाने में हिचकिचाहट नहीं दिखानी चाहिए। विश्वास बहाली की दिशा में हर ऐसे पक्षकार से बातचीत जरूरी है, जिसका रियासत में अमन से सीधा या परोक्ष सरोकार है। कोई भी अपेक्षा यदि नजरअंदाज की जाती है तो उससे पूरी व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
क्रास एलओसी ट्रेड पर महबूबा ने कहा, वर्ष 2003 में मुफ्ती मोहम्मद सईद ने श्रीनगर-मुजफ्फराबाद सड़क खोलने की मांग उठाई थी। केंद्र की मदद से यह मार्ग खोला गया, नतीजतन रियासत में अमन की वापसी हुई। वाजपेयी सरकार की तरह ही मोदी सरकार से भी वह इसी तरह के सहयोग की उम्मीद करती हैं।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मुलाकात कर चक्कां दा बाग रूट में ठप हुए क्रास एलओसी ट्रेड को जल्द बहाल करने की मांग उठाई। महबूबा ने कहा, एलओसी पर तनावपूर्ण हालात की वजह से व्यापार स्थगित किया गया है। व्यापार से चूंकि बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका जुड़ी है, लिहाजा इसे जल्द बहाल किया जाना चाहिए। गृह मंत्री ने भरोसा दिलाते हुए कहा, हालात सामान्य होते ही इस बाबत निर्णय लिया जाएगा।