महबूबा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के सभी क्षेत्रों से उनके संवैधानिक अधिकार छीन लिए गए। अब व्यापार, रोजगार, प्राकृतिक संसाधन जैसे क्षेत्रों में धीरे-धीरे भाजपा और आरएसएस की विनाशकारी योजनाओं का प्रभाव देखने को मिल रहा है।
जम्मू-कश्मीर के लोगों को बांटने और उन्हें और शक्तिहीन बनाने की नई रणनीति को नई दिल्ली द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है। यह चिंता का विषय है। ये बात पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के आवास पर आयोजित बैठक में कही गई।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि विभाजनकारी नीतियां नए सिरे से अपनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करना, धर्म, संप्रदाय और जातीयता ही भाजपा का एकमात्र हथियार है। अपनी विफलता को छुपाने के लिए ऐसी नीतियां अपनाई जा रही हैं। ऐसा करने के पीछे एक ही एजेंडा है और वो है लोगों को विभाजित कर उन्हें शक्तिहीन बनाना। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह ऐसे मंसूबों को विफल बनाने के लिए खड़े हों।
उन्होंने कहा कि शुरू में कुछ लोग सशक्त जम्मू के झूठे आख्यान में फंस गए थे। समझ रहे थे कि 5 अगस्त 2019 से जो कुछ भारत सरकार कर रही है, उसके लिए है। लेकिन अब स्पष्ट और स्वीकृत है कि जम्मू क्षेत्र भाजपा की नापाक हरकतों की भारी कीमत चुका रहा है।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सुहेल बुखारी ने कहा कि पार्टी द्वारा भाजपा की इस रणनीति के खिलाफ लड़ने के लिए रणनीति तैयार की गई है। विभाजनकारी नीति को कामयाब होने नहीं देंगे। पीडीपी जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं के लिए आवाज उठाएगी। बुखारी ने प्रदेश से बाहर छात्रों पर दमनकारी नीति अपनाने और उनके खिलाफ कार्रवाई पर भी रोष जताया। आश्वासन दिलाया कि उन्हें कानूनी मदद के अलावा हरसंभव मदद मुहैया की जाएगी। घाटी में मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था पर भी चिंता की।