असम में यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट (उल्फा) के साथ केंद्र की वार्ता को लेकर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सरकार को घेरा। महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार पूर्वोत्तर में आतंकियों से बातचीत कर रही है, तो वहीं दूसरी तरफ जम्मू कश्मीर में नागरिकों से साथ आतंकियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है।
अनंतनाग जिले के बिजबेहरा में महबूबा मुफ्ती ने अपने पिता और पीडीपी संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद की आठवीं पुण्यतिथि पर उनकी समाधि पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की एक सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही।
महबूबा मुफ्ती ने आगे कहा, "हम आत्मसमर्पण नहीं करेंगे। अगर आप (केंद्र) हमसे गरिमा के साथ बात करेंगे तो हम सम्मान के साथ जवाब देंगे। अगर आप डंडे से बात करेंगे जैसा कि आपने बफलियाज में किया था, तो ऐसे नहीं चलेगा।'
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जब केंद्र पूर्वोत्तर में आतंकवादियों के साथ बातचीत कर रहा था, तब उसने जम्मू-कश्मीर में आम नागरिकों को आतंकवादी करार दिया था। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र को अलगाववादियों से निपटने में उनके दिवंगत पिता द्वारा अपनाए गए दृष्टिकोण से सीखना चाहिए।
उन्होंने कहा, "वहां (पूर्वोत्तर में) आप (केंद्र सरकार) आतंकवादियों से बात करते हैं जबकि जम्मू-कश्मीर में आपने आम लोगों को आतंकवादी करार दिया। आपने (अंधाधुंध) गिरफ्तारियां करके जेलें भर दी हैं। बार-बार ईडी, एनआईए, एसआईए छापेमारी करते हैं। कोई अपने ही लोगों के साथ ऐसा व्यवहार करता है?”
महबूबा ने कहा, 'उनके पिता ने अलगाववादियों को भी एक रास्ता दिया ताकि वे सम्मान के साथ इस देश में रह सकें। मुफ्ती ने कभी कोई गलत बात नहीं कही.... वे हमेशा एक झंडे के लिए कायम रहे। उन्होंने केवल इतना कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग सम्मान के साथ शांति चाहते हैं।'
मुजफ्फर हुसैन बेग और उनकी पत्नी सफीना बेग की पार्टी में वापसी
समारोह का मुख्य आकर्षण पार्टी के सह-संस्थापक मुजफ्फर हुसैन बेग और उनकी पत्नी सफीना बेग रहीं। सफीना बेग जिला विकास परिषद बारामुला की अध्यक्ष हैं। दोनों की लगभग चार वर्षों के बाद पीडीपी में वापसी थी।
बेग बोले- मुफ्ती मोहम्मद ने दी थी पहली बार दी थी हीलिंग टच नीति
मुजफ्फर बेग ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मुफ्ती मोहम्मद सईद पहले व्यक्ति थे जिन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फैलने के बाद हीलिंग टच नीति के बारे में बात की थी।
उन्होंने कहा, 'जहां तक मुफ्ती की राजनीति का सवाल है, वह भारत के पहले मुस्लिम गृह मंत्री थे। आज तक किसी अन्य मुस्लिम को देश का गृह मंत्री नहीं बनाया गया है। वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने आतंकवाद के विस्फोट के बाद हीलिंग टच की बात की थी।उन्होंने कहा कि वे भी हमारे अपने बच्चे थे जिन्हें दूसरे देश द्वारा गुमराह किया जा रहा था।'
बेग ने कहा कि पीडीपी संस्थापक ने समाज में विभिन्न विभाजनों से ऊपर उठकर सद्भाव का संदेश दिया। उन्होंने शहरी-ग्रामीण विभाजन, पहाड़ी-गुर्जर मतभेद या हिंदू-मुस्लिम विभाजन से ऊपर उठकर सद्भाव का संदेश दिया।
पीडीपी में मुजफ्फर बेग की वापसी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। क्योंकि लोकसभा चुनाव से महज चार महीने से भी कम समय यह वापसी हो रही है। इससे सियासी गलियारे में कई कयास लगाए जा रहे हैं।
बेग 1990 के दशक के अंत में पीडीपी के सह-संस्थापक थे। उन्हें 2016 में सईद की मृत्यु के बाद पार्टी का संरक्षक बनाया गया था। पूर्व उप मुख्यमंत्री बेग ने 2020 में पार्टी छोड़ दी और उनके सज्जाद लोन के नेतृत्व वाले पीपुल्स कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के कयास लग रहे थे।