जम्मू-कश्मीर में पुलवामा के बाद बनिहाल में सुरक्षाबलों के काफिले को निशाना बनाने की कोशिश पर केंद्र सरकार ने अहम निर्णय लिया है। इसके तहत जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर सप्ताह में दो दिन सुरक्षाबलों का काफिला गुजरने के वक्त आम वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। यह आदेश रविवार से उधमपुर जिले में भी लागू हो गया है। काफिला गुजरने के समय हाईवे पर धारा 144 रहेगी।
इसको लेकर कई राजनीतिक पार्टियां विरोध पर उतर आई हैं। रविवार को हाईवे बंद होने पर महबूबा मुफ्ती ने कहा कि "यह गलत है। हम सरकार को बताना चाहेंगे कि आप इस तरह से कश्मीरियों का दमन नहीं कर सकते। यह हमारा राज्य है, ये हमारी सड़कें हैं, जब भी हम चाहें, हमें उनका उपयोग करने का अधिकार है। आपने देखा कि छात्रों को इसके कारण बहुत समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मैं लोगों से प्रतिबंध को स्वीकार नहीं करने की आग्रह करती हूं। इसकी अवहेलना करें, जहां चाहें जाएं। हम इस प्रतिबंध के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।"
जिला विकास आयुक्त उधमपुर पीयुष सिंगला व एएसपी राजीव पांडे ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि प्रतिबंध सप्ताह में केवल दो दिन रविवार और बुधवार को रहेगा। इन दो दिनों के दौरान नेशनल हाईवे पर आम वाहनों को सुबह चार बजे से शाम पांच बजे तक पूरी तरह से बंद कर रखा जाएगा। अभी इस फैसले को अस्थायी तौर पर दो महीनों के लिए लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस दौरान लोगों को असुविधा हो सकती है। लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर इस फैसले को सख्ती से लागू करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस दौरान अगर किसी नागरिक को इमरजेंसी में आवाजाही की जरूरत पड़ती है, तो ऐसे आपातकालीन केसों के निपटारे के लिए जिला विकास उपायुक्त व एसडीएम चिनैनी को नियुक्त किया गया है, जो पुलिस प्रशासन के सहयोग से आपातकालीन स्थितियों को देखते हुए इस पर अंतरिम फैसला लेकर इजाजत दे सकते हैं। फैसले को लागू करने में जनता से सहयोग देने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी शिकायत के लिए पीसीआर नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।