मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की। उनके समक्ष राज्य के स्थानीय उत्पादों पर टैक्स छूट जारी रखने की मांग दोहराई। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बादाम और अखरोट (गिरी और संबद्ध उत्पाद सहित), हस्तशिल्प (स्थानीय कारीगरों उत्पादित), लकड़ी से संबद्ध उद्योग (लकड़ी की नक्काशी, प्रसंस्करण), हस्तनिर्मित विलो और विकर उद्योग, स्थानीय खेल विनिर्माण उद्योग (विलो बल्ला उद्योग सहित), केसर (और अन्य सूखे फल, राज्य के मसाले) पर कर छूट की मांग की।
महबूबा मुफ्ती ने केंद्रीय वित्त मंत्री के सामने कड़ी वैश्विक प्रतिस्पर्धा के साथ ही कारोबारी समुदाय को पिछले साल घाटी में अशांति के दौरान हुए घाटे का मुद्दा उठाते हुए पूर्व में दी गई को जारी रखने की मांग की ताकि स्थानीय कारीगरों, उत्पादकों और छोटे व्यापारियों समेत स्थानीय उद्योगों की रक्षा हो सके।
अरुण जेटली ने मुख्यमंत्री को स्थानीय व्यापारिक समुदाय के हितों का ध्यान रखने और उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किए जाने का भरोसा दिलाया।