मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि कानून व्यवस्था की स्थिति से निबटने के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होना चाहिए। हंदवाड़ा और नतनुसा जैसी घटनाएं अस्वीकार्य हैं। इससे राज्य में शांति बहाली की प्रक्रिया में राज्य सरकार के प्रयासों को तगड़ा झटका पहुंचता है।
डिप्टी सीएम डा. निर्मल कुमार सिंह के साथ कुपवाड़ा पहुंचीं मुख्यमंत्री ने जिला तथा पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर हालात की समीक्षा की। उन्होंने फायरिंग में मारे गए लोगों के परिवार वालों से मिलकर संवेदना जाहिर की। इसके साथ ही तनाव को कम कर क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सिविल सोसाइटी के सदस्यों से बातचीत की।
उन्होंने कहा कि इस सीमांत जिले में शांति तथा सामान्य स्थिति बहाल करने में लोगों का सहयोग चाहिए। मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद वे इस प्रकार की स्थिति में यहां आएंगी, यह कभी सोचा भी न था। पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था की स्थिति को संभालने के दौरान स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीड्यूर (एसओपी) का हर हाल में पालन किया जाना चाहिए।
यह केवल एक शब्द मात्र नहीं है, बल्कि इसके जरिये लोगों के अधिकारों की रक्षा होती है। इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्री अब्दुल हक खान, समाज कल्याण मंत्री सज्जाद गनी लोन, सांसद फैयाज अहमद लोन, कुपवाड़ा विधायक बशीर अहमद डार, मुख्य सचिव बीआर शर्मा, डीजीपी के राजेंद्रा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव नवीन कुमार चौधरी, कुपवाड़ा के डीसी एवं एसएसपी उपस्थित थे।