मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राज्य में संबंधित विभाग द्वारा जनजातीय कल्याणकारी उपायों पर कम खर्च किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की है। विभाग के प्रदर्शन की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने विभाग को धीमी गति की मौजूदा व्यवस्था को बदलने और तीन महीने के भीतर जमीन पर ठोस कार्रवाई के साथ सकारात्मक बदलाव लाने का निर्देश दिया।
महबूबा ने कहा कि आदिवासी समुदाय के लिए विभिन्न परियोजनाओं को पूरा करने के लिए समयरेखा तैयार की जाए। परियोजनाओं को निश्चित अवधि के लिए एक निश्चित योजना के साथ विशेष लक्ष्य बनाया जाना चाहिए। आदिवासी समुदाय में बदलाव की उम्मीद के साथ सरकार ने इस विभाग का गठन किया है और केवल वास्तविक कार्यवाही के साथ कार्रवाई की एक निश्चित योजना ही इस समुदाय को लाभ दे सकती है।
उन्होंने गुज्जर बक्करवाल सलाहकार बोर्ड के उप चेयरमैन को राज्य के जनजातीय क्षेत्रों में विभाग द्वारा स्थापित क्लस्टर गांवों का दौरा करने और किए गए कार्यों की गुणवत्ता की जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्त्रस्मों के लिए आईटीआई द्वारा जनजातीय युवाओं को शामिल करने का भी निर्देश दिया।
अनंतनाग और कुलगाम में स्थापित किए जाएंगे दो आवासीय स्कूल
महबूबा मुफ्ती
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बैठक में बताया गया कि 24 करोड़ की लागत से अनंतनाग और कुलगाम में प्रत्येक 450 छात्रों के दो आवासीय स्कूल स्थापित किए जाएंगे। यह भी सूचित किया गया कि 15752 आदिवासी छात्रों के बीच पूर्व मैट्रिक 28 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की गई है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति से 6131 आदिवासी और 51226 गुज्जर छात्र लाभान्वित हुए।
बैठक में बताया गया कि गुज्जर/बककरवाल हॉस्टल बांडीपोरा, बारामुला, कुपवाड़ा, पुंछ और उधमपुर में निर्माण विभिन्न चरणों में हैं, जबकि श्रीनगर में छात्रावास स्थापित करने के लिए भूमि की पहचान की जा रही है। बैठक में उप चेयरमैन गुज्जर बक्करवाल सलाहकार बोर्ड चौधरी जफर अली, आयुक्त सचिव वन मोहम्मद अफजल भट, सचिव जनजातीय मामले किफायत हुसैन रिजवी, सचिव स्कूल शिक्षा फारूक अहमद शाह, सचिव पर्यटन एमएच मलिक आदि मौजूद रहे।