मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने घाटी में हिंसक माहौल को शांत करने की अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार के मंत्री प्रत्येक जिलों में कैंप करेंगे। वे स्थिति पर नजर रखने के साथ ही अवाम के बीच जाकर अमन बहाली के लिए गणमान्य लोगों से मशविरा भी करेंगे। महबूबा ने कहा कि कुछ लोग लाशों पर सियासत करने का खेल खेल रहे हैं। ऐसे लोगों से अवाम को दूर रहना चाहिए।
श्रीनगर में अपने निजी कार्यालय में सिविल सोसाइटी सदस्याें से दो घंटे चली बैठक में उन्होंने अमन बहाली के लिए सरकार द्वारा किए गए अब तक के प्रयासाें की जानकारी दी। उन्हाेंने कहा कि राजनेता, मीडिया, धर्म गुरु, कारोबारी और गणमान्य नागरिकों को सरकार के शांति प्रयासों के समर्थन में उतरना चाहिए।
पहले भी अपनों की जान गंवाने वाले अभिभावक आज तक समस्याओं से जूझ रहे हैं। हिंसा का खामियाजा केवल अभिभावकों को ही भुगतना पड़ता है। उनके बच्चे हिंसा भड़काने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। फिर अभिभावकों को उम्र भर बच्चों के बिना रहने का दर्द झेलने को अकेला छोड़ दिया जाता है।
महबूबा ने कहा कि पुलिस कर्मियाें सहित अब तक मारे गए तमाम लोगों के परिजनों के साथ उनकी पूरी सहानुभूति है। हालिया मौतों से जो घर उजड़े हैं उनकी मदद को केवल सरकार ही आगे आएगी। महबूबा ने सवाल किया कि मारे जा रहे युवकों के जनाजे में कहीं सैकड़ों तो कहीं हजारों लोग उमड़ रहे हैं, लेकिन हिंसा का शिकार होने वाले परिवारों के मुश्किल वक्त में दर्द बांटने कितने लोग आते हैं।
पीड़ित परिवारों की जिम्मेदारी लेगी सरकार
महबूबा ने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था करेगी जिसके तहत पीड़ित परिवारों को सामान्य जीवन जीने के लिए दर-दर न भटकना पड़े। ऐसे पीड़ित परिवारों के पास जाना सरकार की जिम्मेदारी है जिसे निभाया जाएगा।
कहा कि हालात बिगड़ने से सबसे पहला प्रभाव शिक्षा और अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। युवाओं के सामने बेरोजगारी की बड़ी चुनौती है जो अपने आप में बड़ा संकट है। इसे दूर करने के लिए सरकार युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर देने जा रही है।