रामबन में दिशा की बैठक करते केंद्रीय राज्यमंत्री डा. जितेंद्र सिंह
- फोटो : UDHAMPUR
उधमपुर/रामबन। विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत चल रहे विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने रविवार को रामबन में दिशा की बैठक आयोजित की। उन्होंने बैठक में डोडा और रियासी की तर्ज पर रामबन में भी लैवेंडर की खेती शुरू करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि लैवेंडर की खेती के साथ ही रामबन में भी बैंगनी क्रांति लाई जाएगी। इससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। बैठक के दौरान फैसला लिया गया कि डोडा और रियासी जिलों की तर्ज पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के माध्यम से सीएसआईआर-आईआईआईएम के अरोमा मिशन के तहत लैवेंडर की खेती को प्रोत्साहित कर रामबन जिले में बैंगनी क्रांति लाने का प्रयास किया जाएगा।
डॉ. सिंह ने दिशा की बैठक में घोषणा की कि डोडा और रामबन में समान जलवायु और भौगोलिक स्थिति है, इसलिए जिले के युवाओं के लिए आय के स्रोत बढ़ाने के लिए लैवेंडर की खेती शुरू की जा सकती है। डोडा के भद्रवाह व खिलानी और रियासी के ऊपरी इलाकों में कुछ क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि पांच सौ से अधिक युवाओं ने बैंगनी क्रांति से लाभ उठाकर अपनी आय कई गुना बढ़ा दी है। यह नवोदित किसानों और कृषि-उद्यमियों को आजीविका के साधन प्रदान करने में मदद करेगा, और स्टार्ट अप इंडिया अभियान को बढ़ावा देगा।
----
योजनाओं के लाभ के लिए कमियां दूर करना जरूरी
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुत प्रभावी और अच्छी अवधारणा वाली योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं का पूरा लाभ उठाने के लिए कार्यान्वयन में कमियों या समस्याओं को दूर करना महत्वपूर्ण है, ताकि समय पर समाधान निकाला जा सके। रामबन जिले की विभिन्न दुर्गम पंचायतों और प्रखंडों के पीआरआई सदस्यों और प्रतिनिधियों के विभिन्न सुझावों को सुनते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएमजीएसवाई, मनरेगा जैसी योजनाओं का लाभ रामबन की सुदूर पंचायतों, प्रखंडों तथा जम्मू-कश्मीर के अन्य दुर्गम क्षेत्रों के लोगों को प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।