सुरक्षा को लेकर राजोरी में सेना पुलिस, सीआरपीएफ और बीएसएफ के अधिकारियों की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। सेना के अधिकारियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ ) और खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों के साथ राजोेरी में एक संयुक्त खुफिया बैठक की। बैठक में भाग लेने वाली सुरक्षा एजेंसियों के आकलन के आधार पर मौजूदा आंतरिक स्थिति की समीक्षा करने के लिए बैठक की गई।
सूत्रों के अनुसार राजोेरी में सीआरपीएफ, बीएसएफ, पुलिस और खुफिया एजेंसियों के साथ सेना द्वारा एक संयुक्त खुफिया और सुरक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें भाग लेने वाली एजेंसियों के आकलन के आधार पर मौजूदा आंतरिक स्थिति की समीक्षा की गई और आपसी तालमेल पर बल दिया गया, ताकि दुश्मनों के नापाक मंसूबों को सफल न होने दिया जाए। बैठक मेजर जनरल वाईएस अहलावत की मौजूदगी में हुई, जिसमें डीआईजी पुलिस राजोरी-पुंछ रेंज डॉ. हसीब मुग़ल सहित सेना, सीआरपीएफ और बीएसएफ के उच्च अधिकारी मौजूद रहे। विशेष रूप से यह बैठक सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह ढांगरी में एक जनवरी को हुए आतंकी हमले, उसके बाद कुछ दिन पहले राजोरी के एसएसपी, उपायुक्त कार्यालय के पास से मिली आईईडी और शनिवार को जम्मू में नरवाल में दोहरे विस्फोटों और गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर की जा रही तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्च की गई।
बैठक में राजोरी-पुंछ सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा प्रबंधों के साथ-साथ राष्ट्र विरोधी ताकतों को कुचलने और आतंकवाद से जुड़ी रोज हो रही छिटपुट घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर विचार विमर्श किया गया। महत्वपूर्ण बैठक में ढांगरी में हुए आतंकी हमले में शामिल आतंकियों की धर पकड़ और उन्हें ढेर करने के लिए विशेष रणनीति पर विचार विमर्श किया गया। ताकि जल्द से जल्द उन्हें ढेर किया जा सके। सूत्रों के अनुसार राजोरी-पुंछ सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा ग्रिड को मजबूत बनाने के मकसद से विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के आपसी तालमेल पर विशेष बल दिया गया और सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और बीएसएफ के बीच तालमेल बढ़ाने और संयुक्त रूप से सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने पर बल दिया गया। उसके अलावा दोनों जिलों में आतंकवादियों के स्लीपर सेल और ओवर ग्राउंड वर्करों के साथ-साथ लोकल सपोर्ट को खत्म करने और ऐसी देशविरोधी गतिविधियों पर कड़ी नजर रख उन पर अंकुश लगाने को लेकर रणनीति बनायी गई।
बैठक में गणतंत्र दिवस को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर दोनों जिलों में विशेष नाके लगाने और नियंत्रण रेखा से जुड़े इलाकों में विशेष गश्त बढ़ाने के साथ साथ शहर में तलाशी अभियान तेज करने का निर्णय लिया गया।