आल इंडिया आर्गेनाइजेशन आफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के बैनर तले बुधवार को देश व्यापी स्तर पर रियासत में दवा विक्रेता एक दिन की हड़ताल पर रहेंगे।
इससे दस हजार से अधिक दवाई की दुकानें बंद रहने से मरीजों को दिक्कतें झेलनी पड़ेंगी। हालांकि सरकार के अधीन चल रही कोआपरेटिव दुकानें खुली रहेंगी।
शहर के प्रमुख जच्चा बच्चा अस्पताल एसएमजीएस और जीएमसी में ये दुकानें चल रही हैं, लेकिन जिला स्तर पर मरीजों के लिए यह हड़ताल आफत रह सकती है।
जम्मू केमिस्ट एसोसिएशन के मुख्य प्रवक्ता रोहित शर्मा ने बताया कि ई फार्मेसी की प्रस्तावित नियमावली के तहत इंटरनेट के माध्यम से दवाइयों की बिक्री का दवाई विक्रेता विरोध करते हैं।
यह ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट 1940 (रूल्स 1945) का उल्लंघन है। ऐसी व्यवस्था से मरीजों की सेहत से खुलेआम खिलवाड़ होगा। आनलाइन सिस्टम से दवाई की गुणवत्ता पर कोई नियंत्रण नहीं रहेगा।
मरीजों तक घटिया दवाइयां पहुंचेंगी। हड़ताल के बारे में प्रशासन को सूचित किया गया है। आनलाइन दवाओं की बिक्री से दवाई वितरकों के व्यवसाय पर सीधा असर पड़ेगा। सरकार ऐसे फैसलों को जबरन थोप नहीं सकती है।
गत 13 सितंबर को बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में हुई बैठक में डीएंडसी एक्ट 1940 में संशोधन के प्रस्ताव का विरोध करते हुए हड़ताल का फैसला लिया गया था।
उनके अनुसार बुधवार को शालामार चौक पर सुबह दवाई विक्रेता अपना विरोध दर्ज कराएंगे। आयोजक सचिव गुरमीत सिंह ने कहा कि नई व्यवस्था से जनता को असुविधा झेलनी पड़ेगी।
बुधवार को हड़ताल के चलते लोगों को दवाई के लिए कोआपरेटिव दवाई की दुकानों का सहारा होगा।