जीएमसी के चोपड़ा नर्सिंग होम सर्विलांस सेंटर में स्वाइन फ्लू के मरीजों को इलाज दे रहे चिकित्सा कर्मी वीरवार को भड़क गए। कर्मियों ने मास्क और अन्य दूसरी सुरक्षात्मक सुविधाएं मुहैया न करवाने पर जीएमसी प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
इस दौरान कुछ देर के लिए कर्मियों ने कामकाज ठप रखा। चोपड़ा नर्सिंग के कुलवंत सिंह ने साफ किया कि पहले चिकित्सा स्टाफ की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित बनाई जाए। स्टाफ को बाद में सुविधाएं देने पर ही कर्मचारी काम पर लौटे। इसके साथ कर्मियों ने लगातार दूसरे दिन विरोध जताया।
चोपड़ा नर्सिंग होम के कर्मियों ने वीरवार सुबह अचानक कामकाज बंद कर दिया और बाहर आकर प्रदर्शन करने लगे। उस समय स्वाइन फ्लू की विशेष ओपीडी चल रही थी। होम में स्वाइन प्लू के पाजिटिव और संदिग्ध मरीजों को इलाज दिया जा रहा है।
कर्मियों ने आरोप लगाया कि जीएमसी प्रशासन कुंभकरणी नींद सो रहा है। जिस तरह डाक्टरों की स्वास्थ्य सुरक्षा जरूरी है, उसी तरह अन्य चिकित्सा स्टाफ को भी सुविधाएं दी जानी चाहिएं।
चिकित्सा कर्मी हाई रिस्क जोन में स्वाइन फ्लू के मरीजों के साथ इलाज दे रहे हैं, लेकिन एन-95 मास्क सहित उन्हें अन्य सुविधाएं देने में लेटलतीफी की जा रही है। इस बीच जीएमसी के अधीक्षक ने आश्वासन दिया, जिसके बाद सामग्री पहुंचने पर ही कर्मचारी शांत हुए।
कर्मियों का कहना है कि अगर उन्हें नियमित स्वास्थ्य सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई जाए तो वे भविष्य में दोबारा विरोध प्रदर्शन करेंगे।