केरन सेक्टर में आतंकी घुसपैठ को रोकने के दौरान हुई गोलीबारी में शहीद लांस नायक रंजीत सिंह और राइफल मैन सतीश भगत का शुक्रवार को उनके पैतृक गांवों में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों शहीदों के जयकारे लगाए।
इसके पहले मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और चिनार कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जरनल जेएस संधू ने बादामी बाग कंटोनमेंट में दोनों शहीदों को श्रद्धांजलि दी। जम्मू स्थित टाइगर डिवीजन में उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह, विधानसभा स्पीकर कवींद्र गुप्ता, चिकित्सा शिक्षा मंत्री बाली भगत ने श्रद्धांजलि दी। रंजीत सिंह की चिता को उनके नौ वर्षीय बेटे और सतीश की चिंता को उनके छोटे भाई ने मुखाग्नि दी।
दोनों शहीदों के पार्थिव शरीरों को शुक्रवार को उनके घरों बेहड़ा मोड़ बरन और बाबा का तालाब के गुडा सिंघू लाया गया। शहीदों के पार्थिव शरीर घरों में पहुंचते ही चीखपुकार मच गई। रंजीत की मां, बेटी और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। शहीद सतीश की बहनों, भाई, पिता और मां का बुरा हाल हो गया है। सतीश की बहन दो बार बेहोश हो गई। आसपास के हजारों लोग शहीदों के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।
सेना की गढ़वाल राइफल के जवानों ने शहीद सतीश और जम्मू कश्मीर राइफल के जवानों ने लांस नायक रंजीत सिंह को सलामी दी। इस मौके पर 19 ब्रिगेड के कमांडर अभिजीत चंद्रा और गढ़वाल राइफल के कमांडिंग अफसर दीपक पांडे भी मौजूद रहे।