लश्कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन ने जम्मू के प्रमुख स्थानों पर हमले करने की तैयारी कर रखी है।
इसके लिए अखनूर सेक्टर में पकड़े आतंकी अब्दुल कयूम को जम्मू के महत्वपूर्ण ठिकानों की रैकी करने और युवाओं को आतंकवाद में शामिल करने की ट्रेनिंग देने का जिम्मा सौंपा था। कयूम को इन स्थानों की रैकी के लिए भेजा गया था।
इसका खुलासा खुद पकड़े गए आतंकी ने पुलिस की पूछताछ में किया है। सीमा के इस पार पहुंचने के बाद उसे किसी से मिलना था। इससे पहले कि वह परगवाल से सीमा पार कर पाता, तारबंदी के करंट लगने के कारण वह गिर गया और सीमा पर तैनात भारतीय सुरक्षा बलों ने उसे हिरासत में ले लिया।
लश्कर करवा रहा सुरक्षा बलों के ठिकानों की रेकी
डेमो पिक
अखनूर सेक्टर की परगवाल सीमा से घुसपैठ करने के दौरान पकड़े अब्दुल कयूम से सेफ हाउस में पूछताछ जारी है।
सूत्रों के अनुसार अब्दुल कयूम ने बताया कि उसे कहा गया था कि वह कश्मीर में जाकर आतंक में शामिल होने के लिए युवाओं को प्रेरित करे। जम्मू के धार्मिक एवं सुरक्षा बलों के महत्वपूर्ण ठिकानों की रैकी करे, क्योंकि हमले के लिए लश्कर ने पूरी सूची तैयार की है।
इन ठिकानों पर हमले के लिए लश्कर ने नक्शा भी बनाया है। लश्कर के कई गाइड भी मौजूद हैं, जो लगातार रैकी कर रहे हैं। जम्मू के धार्मिक स्थल, सैन्य हेडक्वार्टर, पुलिस के कई स्थलों के नक्शे सीमा पार बैठे आकाओं के पास हैं।
ओवर ग्राउंड वर्करों से मुलाकात के मिले थे निर्देश
आतंकी
- फोटो : Demo Pic.
आतंकी कयूम ने खुलासा किया कि इन प्रतिष्ठानों की पूरी रैकी के लिए ही वह सियालकोट स्थित अपने घर से कई बार सीमा पर घुसपैठ के लिए आया था। कामयाब नहीं हो पाने के कारण वह वापस चला गया। पाकिस्तान के सियालकोट की सीमाएं जम्मू के साथ मिलती हैं।
लश्कर के सियालकोट में सक्रिय सरगना हबू हमजा ने ही उसे कहा कि वह साथियों के साथ जम्मू-कश्मीर में जाए। जम्मू कश्मीर में जाकर रैकी करने और कुछ सक्रिय ओवर ग्राउंड वर्करों से मुलाकात की जानी थी। इस मामले में कुछ और बड़े खुलासे होने की भी आशंका है।