सूत्रों के अनुसार, अधिकतर अधिकारी भाजपा के खेमे से चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं और टिकट लेने का पूरा जोर लगा रहे हैं। अफसर लगातार भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से संपर्क साध रहे हैं। तीन से चार अफसर भाजपा की तरफ से चुनाव लड़ सकते हैं और इनमें नाम संभावित उम्मीदवारों के पैनल में भी शामिल हैं। संभव है कि अगले कुछ दिन में चुनाव लड़ने वाले अफसरों के नाम घोषित कर दिए जाएं।
कौन कहां से लड़ सकता है?
पूर्व डीजीपी एसपी वैद संभवता जम्मू या कठुआ से चुनाव लड़ सकते हैं। भाजपा के संभावित उम्मीदवारों के पैनल में इनका नाम शामिल होने की सूचना है। एसएसपी मोहन लाल कैथ जम्मू जिले के मड़ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की तरफ से चुनाव लड़ सकते हैं। यह सीट एससी के लिए आरक्षित है। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के लगातार संपर्क में हैं। इनका भी संभावित उम्मीदवारों के पैनल में शामिल होने की जानकारी सामने आ रही है।
एसएसपी मोहन लाल भगत अखनूर एससी आरक्षित सीट पर चुनाव लड़ सकते हैं। वह समय से पहले रिटायरमेंट के लिए आवेदन कर चुके हैं। यह भी भाजपा के संपर्क में हैं और भाजपा की तरफ से चुनाव लड़ सकते हैं।
पूर्व डीआईजी इसरार खान नेशनल कॉन्फ्रेंस में शामिल हो चुके हैं। कश्मीर के किसी एक विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं।
एसपी केडी भगत अभी इन सर्विस हैं। किसी पार्टी में शामिल नहीं हुए हैं। न ही रिटायरमेंट के लिए आवेदन किया है, लेकिन इनके भी अखनूर से चुनाव लड़ने की चर्चाएं हैं।
एसएसपी मोहन लाल कैथ की वीआरएस को मंजूरी
गृह विभाग ने एसएसपी मोहन लाल कैथ की समय से पहले वालंटियर रिटायरमेंट को मंजूरी दे दी है। 31 अगस्त, 2024 से उनकी वीआरएस प्रभावी मानी जाएगी। वीरवार को गृह विभाग की ओर से इसे लेकर आदेश जारी किया गया। वहीं, मोहन लाल भगत की वीआरएस अर्जी को लेकर अभी कोई आदेश जारी नहीं हुआ। सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के संपर्क में हैं और जल्द ही उन्हें रिटायर करने का आदेश जारी करने का अनुरोध कर रहे हैं।