कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने वीरवार को श्रीनगर में अलगाववादी नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि हम कश्मीर की मौजूदा स्थिति को जानने के लिए कश्मीर आए हैं। वहीं, हुर्रियत (एम) के अध्यक्ष ने कहा कि हमने अपनी राय प्रतिनिधिमंडल के सामने रखी है। श्रीनगर में मणिशंकर अय्यर की अगवाई वाला प्रतिनिधिमंडल ने हुर्रियत (एम) के अध्यक्ष मीरवाइज मौलवी उमर फारूक से उनके नगीन स्थित घर सुबह साढ़े दस बजे मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल में ओपी शाह, एयर वाइस मार्शल (रिटायर्ड) कपिल काक और विनोद शर्मा शामिल थे। यह प्रतिनिधिमंडल कश्मीर घाटी के मौजूदा हालात के बारे में जानने के लिए यहां पहुंचा है।
अय्यर ने कहा कि सबसे पहले तो मैं यह बात स्पष्ट कर दूं कि मैं यहां व्यक्तिगत रूप से आया हूं, न कि कांग्रेस के नेता के तौर पर। कश्मीर में दोबारा शांति बहाल करने के लिए हमें सभी हितधारकों से बातचीत करने की जरूरत है।
अय्यर ने कहा कि जिस तरह से भाजपा के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था, वैसे ही हमें भी कश्मीरियत, जम्हूरियत और इंसानियत के दायरे में रहकर बातचीत करने की जरूरत है। हम सैनिकों के ऊपर कब तक निर्भर रहेंगे। मीरवाइज ने भी कहा कि हम चाहते हैं कि कश्मीरियों को अपना हक मिले।