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दोस्तों से दो सौ रुपए की शर्त के चक्कर में युवक ने गंवा दी दोनों किडनियांं, जाने क्या है मामला?

Wed, 07 Jun 2017 08:12 PM IST
amarujala.com- Presented by: श्रेयांश त्रिपाठी
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किडनियां हो गईं फेल - फोटो : Demo pic
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पटना (बिहार) निवासी 28 वर्षीय रवि कुमार की जिंदगी में कुछ दिन पहले तक खुशहाली थी। वह लद्दाख से हाल ही में तबादला लेकर सतवारी में अर्द्धसैनिक बल में ड्यूटी देने पहुंचा थे, लेकिन दोस्तों से लगाई एक शर्त ने उसकी जिंदगी में भूचाल ला दिया। जोश और जिद में मात्र 200 रुपये की शर्त में उन्हें अपनी दोनों किडनियां गंवानी पड़ीं। 
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सुपर स्पेशलिटी जम्मू के नेफरोलाजी वार्ड के बेड चार पर भर्ती रवि के पांच डायलिसिस हो चुके हैं। शर्त बस इतनी थी कि उसे एक साथ दो सौ उठक-बैठक करनी थीं। ऐसा करते समय उसके शरीर के निचले हिस्से की मांसपेशियां जवाब दे गईं। डाक्टरों के अनुसार भीषण गर्मी में शरीर पर क्षमता से अधिक जोर देने से शरीर के किसी भी हिस्से की मांसपेशियां काम करना बंद कर सकती हैं, जो जानलेवा होती है। 

रवि ने बताया कि 24 मई को एक पार्टी के दौरान उसके दोस्तों से दो सौ उठक-बैठक करने की शर्त लगी थी। जब उसने सौ उठक-बैठक की तो उसे शरीर के निचले हिस्से में दर्द शुरू हुआ। इसके बावजूद उसने ये क्रम जारी रखा और यह जिद 170 उठक-बैठक तक चलती रही। दूसरे दिन रवि के शरीर में अचानक सूजन आ गई और पेशाब आना बंद हो गया। यूरिया क्रेटेनिया के टेस्ट में उसके दोनों किडनियों के काम बंद करने की पुष्टि हुई।
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क्षमता से अधिक काम करने पर हुई परेशानी

नेफ्रोलॉजी विभाग के एचओडी डा. एसके बाली ने बताया कि यह एक अलग मामला है। इसमें पीडि़त ने शरीर पर क्षमता से अधिक जोर दिया, जिससे उसे रेबडो मायोलायसिस (मांसपेशियों का काम करना बंद होना) की शिकायत हुई है।

इसमेें पीडि़त के शरीर में मायो ग्लोबिन टाक्सिन मांसपेशियों से निकलकर सीधा खून में मिल जाते हैं, जिससे एक्यूट किडनी फेलियर हो जाता है। पीडि़त का चौबीस घंटे में यूरिया क्रेटेनिया सामान्य 1.4 से बढ़कर 10 प्वाइंट तक पहुंच गया था। इसके साथ शरीर में पोटेशियम सामान्य 3.5-5 से बढ़कर 7-8 या इससे ऊपर चला जाता है। 
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जानलेवा हो सकती हैं पेन किलर दवाएं

इस मामले में अगर पीडि़त दर्द निवारक दवाई ले लेता है तो हार्ट अटैक की आशंका भी रहती है। ऐसे मामलों में पीडि़त को स्वस्थ होने में तीन या इससे अधिक हफ्ते का समय लग सकता है। देरी से चिकित्सा मिलने पर उसकी जान चली जा सकती है।

डाक्टर ने बताया कि पिछले साल पुलिस भर्ती के दौरान 20-25 किमी की दौड़ लगाने पर एक सिख युवक को भी यह शिकायत हुई थी। अधिक तापमान में शरीर में पहले से ही पानी की कमी होती है, उस पर अधिक जोर देने से मांसपेशियां काम करना बंद देती हैं।  
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