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खूंखार आतंकी समीर जैसे कई टाइगर ढेर कर चुके हैं मेजर शुक्ला, इसी साल मिला था शौर्य चक्र

Wed, 02 May 2018 05:24 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, श्रीनगर
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मेजर रोहित शुक्ला
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खूंखार आतंकी समीर भट्ट उर्फ समीर टाइगर सिर्फ नाम का ही टाइगर था। लेकिन असली टाइगर समीर का शिकार करने वाले मेजर रोहित शुक्ला हैं। जिन्होंने कश्मीर में समीर जैसे जाने कितने ही टाइगरों का शिकार किया है। आतंकियों के साथ बहादुरी से लड़ने वाले रोहित को इसके लिए इसी साल शौर्य चक्र से सम्मानित किया जा चुका है। 

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आतंकी समीर टाइगर ने मेजर शुक्ला को धमकी दी थी कि अगर अपनी मां का दूध पीया हो तो सामने आए। इसके बाद से ही मेजर शुक्ला ने समीर को ठिकाने लगाने का ताना बाना शुरू कर दिया था। कई महीने तक उसकी रेकी करवाई और पूरी प्लानिंग के साथ उसे घेरे में लेकर ढेर कर दिया। 

दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में गत सोमवार को आतंकी समीर टाइगर और उसके एक अन्य साथी के खिलाफ चलाये गए ऑपरेशन की कमान संभालने वाले सेना के मेजर रोहित शुक्ला ने इससे पहले भी कई ऑपरेशनों की कमान संभाली है। वह 40 आपरेशनों की कमान संभाल चुके हैं। मेजर शुक्ला राजपुताना राइफल्स के हैं। 

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जवानों को बचाने और आतंकियों को मारने पर मिला सम्मान

मेजर रोहित शुक्ला को जिस ऑपरेशन के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। उसमें उन्होंने न सिर्फ अपने जवानों को होशियारी से बचाया, बल्कि खूंखार आतंकियों को मौत के घाट भी उतारा था। तब वह कैप्टन थे।  शुक्ला पिछले कई महीनों से पुलवामा में आतंकियों की मूवमेंट पर कड़ी नजर रखे हुए थे। 

3 जुलाई 2017 को उनकी निगरानी का परिणाम मिला। इसके आधार पर अपनी टीम के साथ उस घर की घेराबंदी की यहां आतंकी छुपे हुए थे। वह स्थानीय वाहन से वहां पहुंचे। इस ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने मेजर शुक्ला की टीम पर फायरिंग की और ग्रेनेड दागा गया। 

एक छर्रा रोहित की टांग पर लगा और वह घायल हो गए। इसके बावजूद भी हिम्मत नहीं हारी और सूझ बूज के साथ काम लेते हुए अपनी टीम को सुरक्षित उस जगह से बाहर निकाला जो आतंकियों के निशाने पर थी। इस सबके बावजूद ऑपरेशन को जारी रखा गया और हिज्ब के आतंकियों को ढेर किया गया। 

खास है काम करने का तरीका
मेजर शुक्ला की बात करें तो उनका काम करने का अलग ही अंदाज है। वह यहां भी तैनात रहते हैं वहां स्थानीय स्तर पर अपना एक ग्रिड तैयार कर लेते हैं। पुलवामा में भी मिली जानकारी के अनुसार उनका काफी मजबूत ग्रिड है। 

इसी का नतीजा है कि उन्हें समीर टाइगर और उसके एक अन्य साथी के खिलाफ ऑपरेशन को अंजाम देने में सफलता हाथ लगी। इस ग्रिड के चलते आतंकी भी काफी खौफजदा है। मेजर शुक्ला भी आपरेशन के दौरान घायल हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालत में काफी सुधार है। 
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