जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों को एलटीसी (लीव ट्रेवल कंसेशन) का तोहफा दिया गया है। एलटीसी के नए रूल्स 31 अक्तूबर 2019 से प्रभावी माने जाएंगे। इसमें स्थायी कर्मचारियों और उनके परिवार को ही लाभ मिलेगा।
एलटीसी योजना का लाभ देश के किसी भी हिस्से में घूमने के लिए मिलेगा। इसके तहत लाभार्थी दो साल में एक बार गृह जिला (होम टाउन) व चार वर्ष में एक बार देश के किसी भी हिस्से में घूमने जा सकेगा। इसमें टीए बिल को नान गजेटेड कर्मियों का गजेटेड अधिकारी और गजेटेड अधिकारियों का उच्च प्रशासनिक अधिकारी देखेंगे।
विभागीय अध्यक्ष और प्रशासनिक विभाग की मंजूरी के बाद नान गजेटेड और गजेटेड कर्मियों को एलटीसी का लाभ मिलेगा। कर्मचारी को अपने परिवार के सदस्यों की संपूर्ण जानकारी देनी होगी। एलटीसी के लिए कर्मचारी को जाने वाले स्थल का ब्योरा देना होगा। यह गृह क्षेत्र में 2020-21 और भारत में 2020-23 तक मान्य होगा।
पारिवारिक सदस्यों की परिभाषा तय
पारिवारिक सदस्यों में पति, पत्नी और दो अविवाहित बच्चे या गोद लिया बच्चा, जो सरकारी कर्मचारी पर निर्भर है उनको लाभ मिलेगा। इसके अलावा विवाहित बेटी जिसका तलाक हो चुका है अथवा पति से अलग रह रही है या विधवा बेटी जो सरकारी कर्मी के आवास पर रह रही है उसे भी लाभ मिलेगा। परिवार के सदस्य की सभी स्रोतों में 9000 रुपये से अधिक आय नहीं होनी चाहिए।
एलटीसी के लिए एडवांस की सुविधा
एलटीसी का तय शर्तों के मुताबिक लाभ मिलेगा। इसमें निजी कार, चार्टेड बस, वैन सहित अन्य निजी आपरेटरों का लाभ नहीं दिया जाएगा। एलटीसी के लिए एडवांस और एडजस्टमेंट की सुविधा होगी। अर्जित अवकाश की सुविधा भी दी जाएगी। सरकार की ओर से तय शर्तों के विपरीत धोखाधड़ी के मामलों में कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इनको नहीं मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ उन व्यक्तियों को नहीं मिलेगी जो पूरे रोजगार में शामिल नहीं हैं। इनमें कैजुअल, दैनिक वेतन भोगी, कांट्रैक्ट, सेवानिवृत्ति के बाद दोबारा नियुक्त होने वाले कर्मचारी आदि शामिल होंगे।