उप राज्यपाल ने श्रीनगर में डल की सफाई के लिए अठवास कार्यक्रम को दिखाई हरी झंडी। कहा, डल का पुराना वैभव लौटेगा। इसके लिए 60 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र से निकाली जाएगी गाद।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि कश्मीर पर्यटन के मोर्चे पर एक सुनहरा दौर देख रहा है क्योंकि पिछले कुछ महीनों में 80 लाख पर्यटक प्रदेश में पहुंचे हैं। इतनी बड़ी तादाद में सैलानियों ने पहुंचकर पिछले 20 वर्षों के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। रिकॉर्ड संख्या में लोग कश्मीर का दौरा कर रहे हैं। हमें इस सुनहरे अवसर को भुनाना चाहिए।
विज्ञापन
एलजी ने कहा कि उड़ान संचालन ने भी पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आज सभी होटल पहले से बुक हैं और भारत के अन्य राज्यों के लोगों को श्रीनगर के लिए हवाई टिकट मिलना मुश्किल हो रहा है। डल झील के पुराने वैभव को लौटाया जाएगा। झील के पश्चिमी क्षेत्र में 60 हजार वर्गमीटर क्षेत्र को बहाल करने के लिए गोद निकाली जाएगी।
श्रीनगर में अठवास नामक कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि डल झील में औसतन 3500 शिकारा कतार में हैं। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि झील की सफ ाई फ ास्ट-ट्रैक आधार पर हो।
विज्ञापन
उनके नेतृत्व में प्रशासन श्रीनगर में विश्व प्रसिद्ध डल झील की खोई हुई महिमा को संरक्षित करने और बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशासन स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर झील को अन्य प्रदूषकों से मुक्त करने के लिए काम कर रहा है। यह पहली बार है कि सरकार स्थानीय लोगों के साथ मिलकर डल झील की सफाई कर रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों में डल झील कभी भी उतनी साफ नहीं थी जितनी आज है। इसका श्रेय प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी जाता है। सीधे लाभार्थी हस्तांतरण (डीबीटी) मोड ने झील की सफाई करने वालों के जीवन को बदलने के अलावा युद्ध स्तर पर झील की सफाई सुनिश्चित करने में बहुत मदद की है।