उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने कहा कि कमान के सामने पाकिस्तान, चीन और आंतरिक हालात की तिहरी चुनौती है। सेना किसी भी परिस्थिति से निपटने की तैयारी रखती है। उधमपुर में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी) जोशी ने कहा कि लद्दाख में चीन ने यथास्थिति को बदलने की कोशिश की। उत्तरी कमान ने चीन के तमाम मंसूबों को नाकाम कर दिया।
उन्होंने कहा कि लद्दाख के अग्रिम इलाकाें में भारतीय सेना ज्यादा बेहतर स्थिति में है। इसके बावजूद चीन की सेना के साथ वार्ता का दौर जारी है। जोशी ने कहा कि अगस्त माह में चीनी सेना को जिस तरीके से जवाब दिया गया है, वह कमान प्रमुख होने के नाते पूरी तरह से संतुष्ट हैं। वर्तमान में हम पहले की तुलना में चीन से ज्यादा बेहतर तरीके से तैयार हैं। 29-30 अगस्त की रात को चीन की सेना ने पैंगोंग झील के दक्षिणी छोर पर उकसाने वाली कार्रवाई की कोशिश की।
भारतीय सेना ने सामरिक महत्व की बेहद ऊंची चोटियों मुखपारी, रेचिन ला और मगर क्षेत्र को अपने नियंत्रण में ले लिया। चीन की आपत्तियों के बावजूद सेना इन चोटियों पर तैनात है। उत्तरी कमान प्रमुख ने कहा कि वर्ष 2020 में पहले कोरोना की चुनौती आ गई, जिसके साथ ही लद्दाख में चीन से तनाव शुरू हो गया। सेना हर चुनौती का डटकर मुकाबला कर रही है।
हालात स्थिर, कई आशंकाएं भी
लेफ्टिनेंट जनरल जोशी ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा मामले में हालात स्थिर हैं, लेकिन अभी भी कई तरह की आशंकाएं बनी हुई हैं। हालात को नियंत्रण में रखने के प्रयास जारी हैं।