रियासत जम्मू-कश्मीर में करीब साढ़े तीन लाख से ज्यादा मकानों में बिजली के अवैध कनेक्शन हैं। या यूं कहे कि साढ़े तीन लाख मकानों में मुफ्त बिजली फूंकी जा रही है।
सरकार को राजस्व के नाम पर इन मकानों से एक पैसा नहीं मिल रहा है। इस वजह से हर साल बिजली घाटा बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में रियासत में बिजली खर्च और राजस्व वसूली में करीब 3500 करोड़ रुपये का अंतर है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जनगणना 2011 के आंकड़ों के अनुसार रियासत में कुल मकानों की संख्या 20,15,088 है। बिजली विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार रियासत में बिजली के अधिकृत कनेक्शन 16.50 लाख ही हैं। पिछले साल जम्मू-कश्मीर में करीब 6000 करोड़ रुपये बिजली खर्च हुआ और राजस्व वसूली 1736 करोड़ रुपये की ही हो पाई