रियासत में सौ से अधिक डाक्टर ड्यूटी से गायब चल रहे हैं। इनमें कई डाक्टरों ने वर्षों से रिपोर्ट ही नहीं किया है। डाक्टरों की कमी से दूरवर्ती और पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों के ज्यादा प्रभावित होना पड़ रहा है।
डाक्टरों की पर्याप्त संख्या को सुनिश्चित बनाने के जमीनी स्तर पर हालात विपरीत हैं। डाक्टरों को कई बार नोटिस जारी करने पर अंतिम कार्रवाई के लिए लेटलतीफी होती रही है।
सूत्रों के अनुसार जम्मू और कश्मीर संभाग में 137 डाक्टर गैरहाजिर पाए गए। इसमें हाल ही में दोनों संभागों में 14-14 डाक्टरों ने ड्यूटी पर रिपोर्ट डाल ली, जबकि 109 डाक्टरों का अभी कोई अता-पता नहीं है।
इनमें अधिकांश ऐसे डाक्टर हैं, जिन्हें स्थानांतरण या नई नियुक्ति के साथ दूरवर्ती और पहाड़ी क्षेत्रों में भेजा गया था, मगर ये डाक्टर वहां ड्यूटी पर पहुंचे ही नहीं।
नतीजतन ऐसे अधिकांश क्षेत्रों में छोटी सी बीमारी पर भी मरीजों को शहरी अस्पतालों में आना मजबूरी बना हुई है। गैरहाजिर दर्जनों डाक्टरों को सरकार और स्वास्थ्य विभाग नोटिस जारी कर चुका है।
संभाग के दस जिलों में डाक्टरों के करीब दो हजार पदों पर साढ़े पांच सौ पद खाली पड़े हुए हैं। अक्तूबर 2014 में जम्मू संभाग के खाते में डाक्टरों के 154 नए पद सृजित किए गए थे।
लेकिन विशेषज्ञ डाक्टरों के पदों को भरने में ज्यादा सफलता नहीं मिल पाई है। दूरवर्ती और पहाड़ी क्षेत्रों में डाक्टरों की कमी मरीजों के लिए आफत बनी हुई है।
इसमें त्वचा विशेषज्ञ, स्त्री विशेषज्ञ, न्यूरो विशेषज्ञ, मनोचिकित्सक विशेषज्ञ आदि शामिल हैं। डाक्टरों की कमी से मरीजों को उचित चिकित्सा सेवाओं से वंचित रहना पड़ रहा है।