पुंछ जिले के चक्कां द बाग में जम्मू-कश्मीर और पीओके के बीच होने वाला क्रास एलओसी ट्रेड पिछले आठ सप्ताह से बंद होने से व्यापारियों को करीब 50 करोड़ का नुकसान हो चुका है। व्यापार अभी भी शुरू होने की कोई उम्मीद नहीं दिखती है। इससे व्यापारियों में रोष है। मंगलवार को व्यापार की संभावना थी, लेकिन नहीं हो पाया।
गौरतलब है कि 11 जुलाई को पाकिस्तान ने युद्धविराम का उल्लंघन करते हुए एलओसी पर भारी गोलाबारी की थी। इस गोलाबारी में चक्कां द बाग स्थित ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर और पुलिस बैरकों को भारी नुकसान हुआ था। इसके बाद व्यापार को बंद कर दिया था, जो मंगलवार को आठ सप्ताह पूरे होने के बाद भी शुरू नहीं हो पाया। इससे 50 करोड़ से ज्यादा का नुकसान अब तक व्यापारियों को हो चुका है। इसकी पुष्टि खुद एलओसी ट्रेड के कस्टोडियन मोहम्मद तनवीर ने की है।
तनवीर का कहना है कि हर सप्ताह करीब छह से सात करोड़ का कारोबार इस तरफ से होता है। यही नहीं पुंछ-रावलाकोट बस सेवा भी जो इसी रास्ते से चलती है, उसे भी बंद रखा गया है। इससे दोनों ओर के लोग आर-पार अपने रिश्तेदारों के पास रुके हैं। यह बस सेवा 10 जुलाई से बंद है।
तनवीर ने बताया कि क्रास एलओसी ट्रेड की सुविधा 2008 में शुरू हुई थी। पुंछ के अलावा, कश्मीर घाटी के उड़ी सेक्टर में भी श्रीनगर-मुजफ्फराबाद रोड के माध्यम से क्रास-एलओसी व्यापार होता है। यहां व्यापार वस्तु विनिमय प्रणाली पर होता हैै, लेकिन यहां से होने वाले व्यापार में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा मिलता रहा है। कई कारोबारियों से इस सिलसिले में एनआईए की जांच चल रही है। इसलिए यहां से व्यापार बंद करने की सिफारिश खुद एनआईए कर चुकी है। हालांकि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पिछले महीने क्रास एलओसी ट्रेड बंद नहीं करने की बात कही थी, बल्कि यह कहा था कि पीओके के साथ व्यापार करने के लिए और मार्गों को खोला जाए।