जम्मू कश्मीर के लिए एक ऐतिहासिक दिन- उपराज्यपाल
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इन बिल को लेकर कहा कि लोकसभा ने पहाड़ी, पाडरी जनजाति, कोली और गद्दा ब्राह्मण को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के लिए संविधान (जम्मू और कश्मीर) अनुसूचित जनजाति आदेश (संशोधन) विधेयक, 2023 को मंजूरी दे दी है, जिससे इन समुदायों की लंबे समय से लंबित मांग पूरी हो गई है। आज का दिन जम्मू कश्मीर के लिए ऐतिहासिक दिन है।
उन्होंने आगे कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने इन समुदायों को अनुसूचित जनजातियों की सूची में शामिल करना सुनिश्चित किया है। इससे गुज्जरों, बकरवालों और अन्य जनजातियों के लिए उपलब्ध आरक्षण के वर्तमान स्तर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और उन्हें पहले की तरह आरक्षण मिलता रहेगा।
राज्यसभा में विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद, यूटी प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक अधिसूचना जारी करेगा कि अनुसूचित जनजातियों की मौजूदा सूची में शामिल लोगों को समान स्तर का आरक्षण मिलता रहे।
यूटी प्रशासन एक ऐसे जम्मू-कश्मीर के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है जो संतुलित विकास पर ध्यान केंद्रित करता है और समावेशी विकास के मंत्र के साथ समाज के सभी वर्गों को लाभान्वित करता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारियों को अच्छी तरह से निभाएं और किसी भी गलत सूचना का मुकाबला करें।