इन सात उम्मीदवारों में पीडीपी प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को छोड़ दें तो अन्य सभी महिलाओं ने आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा। 2004 से अब तक 17 महिला उम्मीदवार चुनावी मैदान में थीं, जिनमें तीन बार महबूबा मुफ्ती को ही सबसे ज्यादा वोट मिले हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में अनंतनाग सीट से उम्मीदवार महबूबा मुफ्ती ने 30524 मत हासिल किए थे।
इस बार भी अनंतनाग-राजोरी सीट से महबूबा मुफ्ती को सबसे ज्यादा 237505 से अधिक वोट मिले हैं, जबकि इस सीट से आजाद उम्मीदवार गुलशन अख्तर को 27 सौ अधिक वोट मिले हैं। बारामुला सीट से चुनावी मैदान में सुरैया निसार महबूबा मुफ्ती के बाद दूसरी महिला उम्मीदवार है, जिन्हें 20746 वोट मिले हैं। जम्मू-कश्मीर 1967 से 2024 तक देश को सिर्फ तीन महिला चेहरों को पांच बार संसद भेज पाया है। इसमें चार बार कश्मीर संभाग, जबकि एक बार लद्दाख से महिला सांसद बनी हैं, जबकि जम्मू संभाग से आज तक एक भी महिला सांसद नहीं बन पाई है।
1967 से तीन महिलाएं पांच बार पहुंचीं संसद
जम्मू-कश्मीर से पहली महिला सांसद शेख अब्दुल्ला की पत्नी अकबर जहां बेगम थी। नेशनल कांफ्रेंस से 1997 में वह श्रीनगर लोकसभा सीट से सांसद बनी थीं। जबकि दूसरी बार 1984 में अकबर जहां बेगम अनंतनाग सीट से सांसद बनी थीं। इसके बाद 1997 से कांग्रेस की टिकट से लद्दाख से पार्वती देवी सांसद बनीं। फिर 27 साल बाद 2004 में अनंतनाग सीट से पीडीपी की तरफ से महबूबा मुफ्ती और 2014 में भी दूसरी बार महबूबा मुफ्ती इसी सीट से जीतकर सांसद बनी थीं। 52 साल में जम्मू-कश्मीर से पांच बार ही महिलाएं सांसद बन पाई हैं।