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Lockdown in J&K: कश्मीर में कोरोना वायरस से पहली मौत, राजौरी में मिला एक संक्रमित, कुल संख्या 18 हुई 

Thu, 26 Mar 2020 10:39 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन - फोटो : बासित जरगर
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21 दिनों के लॉकडाउन का आज दूसरा दिन है। जम्मू कश्मीर में प्रशासन की ओर से सख्ती बढ़ा दी गई है। साथ ही प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि बहुत आवश्यक कार्य से ही घरों से बाहर निकलें। वहीं घरों से बाहर निकलने वालों के आईडी कार्ड देखने के बाद ही उन्हें आगे जाने की अनुमति दी जा रही है। राजौरी जिले में कोरोना के एक और संक्रमित की पुष्टि हो गई है। वहीं श्रीनगर में शुक्रवार को चार और मामले आने से जम्मू-कश्मीर में संक्रमितों की कुल संख्या 18 हो गई है।  

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इस बीच केंद्र शासित प्रदेश के कश्मीर संभाग में कोरोना वायरस के कारण पहली मौत का मामला सामने आया है। 65 वर्षीय संक्रमित बुजुर्ग की डलगेट स्थित चेस्ट डिजीज(सीडी) अस्पताल में गुरुवार सुबह मौत हो गई। मृतक बुजुर्ग डायबिटीज, तनाव और ओबेसिटी जैसी बीमारी से ग्रसित था। प्रदेश में कोरोना वायरस के चलते पहली मौत के बाद प्रशासन ने सख्ती और भी बढ़ा दी है।
 

कश्मीर में कोरोना से हुई इस मौत के बारे में श्रीनगर के मेयर ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि यह खबर हमारे लिए बेहद दुखदायी है। ऐसे समय में हम मृतक के परिवार के साथ खड़े हैं। सीडी अस्पताल में तैनात डॉक्टरों को उनके साहस और उनके द्वारा की जा रही लगातार कोशिश के लिए हम सलाम करते हैं। आइए कोरोना वायरस के इस चोन को तोड़ने में हम सब अपना योगदान देते हैं।

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वहीं राज्य के प्रवक्ता रोहित कंसल ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि श्रीनगर के हैदरपोड़ा निवासी 65 वर्षीय कोरोना संक्रमित बुजुर्ग की मौत हो गई। बुधवार को उनके संपर्क में आए चार अन्य लोगों की जांच में भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है।

जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन - फोटो : बासित जरगर
वहीं जम्मू संभाग में किसी भी व्यक्ति को बिना वजह घर से निकलने पर पूर्णतया पाबंदी लगा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग, सुरक्षाकर्मियों और अन्य जरूरी सेवाएं देने वालों के अलावा किसी भी व्यक्ति को घर से निकलने की इजाजत नहीं दी जा रही है।

जम्मू-कश्मीर प्रदेश के सभी प्रवेशद्वारों पर भी सख्ती बढ़ा दी गई है। प्रवेश के तमाम रास्ते सील कर दिए गए हैं। लखनपुर से ही लोगों को आने दिया जा रहा है, जिनकी भी स्क्रीनिंग कर 14 दिन के लिए क्वारंटीन केंद्रों में रखा जा रहा है। शहर में जरूरी सामान की दुकानों के अलावा दवा की दुकानें ही खुली रहीं। सुरक्षाकर्मी हर चौक-चौराहे पर मुस्तैद रहे। कंटीली तारों से पूरे शहर की सड़कें पटी रहीं।

लॉकडाउन के दौरान लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए श्रीनगर प्रशासन ने पीडीएस राशन की होम डिलीवरी करने का फैसला किया है। ये प्रक्रिया 28 मार्च से शुरू होगी। इसके अलावा लोगों की समस्याओं के निपटारे के लिए जिला मुख्यालय में कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं।

हर हाल में आपके साथ ...... विक्टर फोर्स 

विक्टर फोर्स ग्राम समिति और ब्लॉक विकास परिषद के माध्यम से आवश्यक चीजों और सेवाओं में कार्य कर रहे लोगों को सैनिटाइजर वितरित कर रही है। विक्टर फोर्स का नारा है .... हर हाल में आपके साथ ...... विक्टर फोर्स

जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन - फोटो : बासित जरगर
श्रीनगर के जिला उपायुक्त डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने कहा कि श्रीनगर में 1.60 लाख परिवारों को पीडीएस राशन की होम डिलीवरी सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत 28 मार्च से शुरू की जाएगी। इन परिवारों में खाद्य, कृषि, पुलिस, एसआरटीसी, एसएमसीए आदि विभागों में तैनात मुलाजिमों के परिवार भी शामिल हैं। ये लोग आपात सेवाओं के तहत तैनात हैं। चौधरी ने लोगों को घरों से न निकलने की अपील की। कहा, ऐसा करके हम कोरोना वायरस को फैलने से रोकने में मदद कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि हर ज़िले की तरह श्रीनगर जिले में भी एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। डीसी ऑफिस में स्थापित कंट्रोल रूम के नंबर मीडिया के जरिये सर्कुलेट किए जा रहे हैं। लोगों से अपील है कि अगर किसी को भी किसी प्रकार की दिक्कत पेश आ रही है तो वह कंट्रोल रूम के नंबरों पर संपर्क कर सकता है। वहीं उपायुक्त ने एक बार फिर लोगों से अपील की कि अगर किसी को कोरोना वायरस के लक्षण हैं तो नजदीक के अस्पताल से संपर्क करें। अपनी ट्रैवल हिस्ट्री भी न छिपाएं।

एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी में कोरोना वायरस जैसे लक्षण सामने आने से मचा हडकंप

जम्मू-कश्मीर में कठुआ जिले की बनी तहसील के लोआंग गांव में शिक्षा विभाग के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी में कोरोना वायरस जैसे लक्षण सामने आने से हडकंप है। कर्मचारी से दिल्ली में संपर्क में आए कश्मीर के पांचों लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। सभी को जीएमसी कठुआ रेफर कर दिया गया है, जहां उसे एकांतवास में रखने के साथ ही सैंपल भी जांच के लिए भेजे जाएंगे।

उसके परिवार के आठ सदस्यों को एकांतवास में रखा गया है। इस बीच कर्मचारी ने लोआंग की मस्जिद में सैकड़ों लोगों के साथ बीते सप्ताह जुमे की नमाज अता की थी। ऐसे में कई लोग उसके संपर्क में आ चुके हैं। यही नहीं संपर्क में आए उसके भाइयों में से एक एसडीएम बनी के साथ तैनात है। ऐसे में डीसी ने एसडीएम को भी एकांतवास में रहने की हिदायत दी है।

वहीं, शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ  मेडिकल साइंसेज (स्किम्स) प्रबंधन ने कोरोना से संक्रमित मरीज के संपर्क में आने वाले 13 डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को घर पर ही एकांतवास में रखने के निर्देश दिए हैं। उत्तरी कश्मीर के बीएमओ बांदीपोरा डॉ. आसिफ  खान ने भी खुद को एकांतवास में करने का फैसला लिया है। डॉ. आसिफ  बारामुला से बांदीपोरा उस मरीज को अपनी गाड़ी में लाए थे, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

बीएमओ ने बताया कि जब वे मरीज को अपनी गाड़ी में लाए थे तब उसमें ऐसे कोई लक्षण नहीं थे और न ही उसकी रिपोर्ट आई थी। इस दौरान उन्होंने एहतियातन सभी सुरक्षा नियमों का पालन किया था लेकिन फिर भी एहतियातन खुद को एकांतवास  में करने का फैसला लिया है। डीसी बांदीपोरा शाहबाज मिर्जा ने बताया कि हमने सरकार को घटना के बारे में लिखा है और अभी मामले के बारे में पता लगाया जा रहा है।  
 

श्रीनगर में कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सभी धर्मों के पूजा स्थलों को बंद करने का आदेश दिया गया है। श्रीनगर जिलाधिकारी ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि सभी धार्मिक स्थलों को बंद किया जाएगा।
 
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श्रीनगर में कोरोना वायरस के दो और संक्रमित मामले सामने आए हैं। हैरानी की बात यह है कि दोनों भाई-बहन हैं। दोनों की उम्र क्रमशः सात और आठ साल है। इसी परिवार का एक सदस्य 24 जनवरी को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था। यह बच्चे उसी के नाती-पोते हैं। उक्त संक्रमित का विदेश यात्रा का इतिहास भी है। इसी के साथ जम्मू-कश्मीर में संक्रमित मामलों की कुल संख्या 13 हो गई है।
 
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