उमर अब्दुल्ला को मंगलवार को करीब सात महीने के बाद रिहा किया गया और रिहाई के तुरंत बाद उन्होंने महबूबा समेत सभी उन लोगों की रिहाई की मांग की जो राज्य में और राज्य से बाहर जेलों में बंद हैं। बुधवार को भी उन्होंने एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा कि ऐसे समय में महबूबा मुफ्ती और अन्य लोगों को हिरासत में रखना क्रूरता है। पहले तो सभी को हिरासत में एक जगह रखना औचित्य था लेकिन अब ये जायज नहीं जब पूरा देश में 21 दिन का लॉकडाउन लागू है। मुझे उम्मीद है कि पीएमओ और एचएम उन्हें रिहा करेंगे।