सरकारी विभागों के भ्रष्ट अफसरों और कर्मचारी जल्द ही नपेंगे। इन पर कार्रवाई करने को लेकर सरकार किसी ढील के मूड में नहीं। जिस रफ्तार से एक साल में राज्य के एंटी करप्शन ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के मामलों का पर्दाफाश किया है, इसी रफ्तार से आगे भी खुलासे होंगे। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने एंटी करप्शन ब्यूरो की कमान अपने पास रखकर यह साफ संकेत दिए हैं कि वह भ्रष्ट अफसरों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे।
सूत्रों का कहना है कि जल्द ही मुर्मू एंटी करप्शन ब्यूरो की समीक्षा करेंगे। इसमें उन लोगों की कुंडली खंगाली जाएगी। जो सबसे अधिक भ्रष्ट हैं। पूर्व सरकारों के संरक्षण में बचे नेताओं, अफसरों और निजी कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
बता दें कि एंटी करप्शन ब्यूरो ने 1200 भ्रष्ट अफसरों और कर्मियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। इनमें कई बड़े नाम नाम हैं। राज्यपाल शासन में भी जम्मू कश्मीर में जेके बैंक जैसे घोटाले सामने आए। कई सरकारी अफसरों के नाम भी सामने आए।
सूत्रों का कहना है कि कुछ ही दिन में कुछ बड़ी मछलियों के नाम भी सामने आएंगे। खासकर जमीनों के हेरफेर, आय से अधिक संपत्ति मामले सामने आ सकते हैं। अब तक एंटी करप्शन ब्यूरो इस असमंजस में था कि उनकी कमान किसके हाथ होगी। दो दिन पहले ही सरकारी विभागों का आवंटन हुआ है। इसमें मुर्मू ने एंटी करप्शन ब्यूरो को अपने पास रखा है। संभव है कि जल्द ही मुर्मू भ्रष्ट अफसरों के बारे में ब्यूरो के अधिकारियों से बात करेंगे और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश देंगे।