शे को जड़ से खत्म करने के लिए एक सामूहिक लड़ाई लड़नी होगी। इसमें समाज के हर वर्ग को शामिल होना होगा। इसके लिए नशा मुक्त शहर और नशा मुक्त गांव अभियान का आगाज किया गया है, जिससे नशामुक्त जम्मू कश्मीर का निर्माण होगा। यह बातें उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू के कन्वेंशन सेंटर में नशा मुक्त अभियान के आगाज पर कहीं।
कार्यक्रम के दौरान नशे पर एक नाटक, डाक्युमेंट्री भी स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों की ओर से पेश की गई। साइंस कॉलेज जम्मू के छात्रों की ओर से नशे से संबंधित स्किट पेश की गई। इसमें बताया गया कि कैसे एक युवा नशे के दलदल में फंसकर धीरे धीरे अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेता है।
नशामुक्त अभियान के मौके पर मौजूद तमाम लोगों ने उपराज्यपाल के साथ शपथ ली कि वह नशा नहीं करेंगे और इस बुराई के खिलाफ लड़ाई में शामिल होंगे। शपथ दिलाई गई कि नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाएंगे और इसे रोकने के लिए अपना योगदान देंगे।
इस मौके पर मादक द्रव्यों के सेवन विकारों की व्यापकता और पैटर्न के संबंध में सर्वेक्षण रिपोर्ट की ई लांचिंग भी की गई। इसके तहत प्रभावित लोगों का रिकार्ड जुटाया जाएगा।
उपराज्यपाल ने समाज कल्याण विभाग को लड़कियों के लिए नशामुक्ति केंद्र और किशोर केंद्रों को जल्द से जल्द शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने और अधिक एकीकृत पुनर्वास केंद्र स्थापित करने और उनकी प्रभावशीलता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। बता दें कि मौजूदा समय में कई लड़कियां भी नशे की दलदल में फंस चुकी हैं। हर साल15 लड़कियां नशे के दलदल में फंसकर नशामुक्ति केंद्र में पंजीकृत होकर उपचार करा रही हैं।
उपराज्यपाल ने कहा कि नशा हमारे सामाजिक-आर्थिक ढांचे के लिए एक भयानक खतरा बनकर उभरा है। यह आवश्यक है कि इस खतरे को खत्म करने के लिए पूरे समाज को एक साथ आना चाहिए। जम्मू-कश्मीर को स्वस्थ और नशा मुक्त बनाने के लिए एक मजबूत इकाई के रूप में काम करना चाहिए।
एलजी ने कहा, नशा विरोधी अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर को देश में दूसरा स्थान दिया गया है। गृह मंत्री द्वारा सम्मानित किया गया है। पिछले दो वर्षों में, हम जम्मू-कश्मीर के 10 प्रमुख रूप से प्रभावित जिलों में नशा मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए एक जन आंदोलन चला रहे हैं।
हमें ड्रग डीलरों और ड्रग तस्करों के पूरे नेटवर्क को नष्ट करने के अपने संकल्प को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में बड़ी मात्रा में नशीली दवाओं की बरामदगी से संकेत मिलता है कि हमारी रणनीति कारगर साबित हो रही है।