संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। ईलीजर जोल्डन मेमोरियल (ईजेएम) कॉलेज ने भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद की ओर से प्रायोजित सामाजिक विज्ञान में सांख्यिकीय और भू-स्थानिक उपकरणों के अनुप्रयोग पर दो सप्ताह का क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र के युवा सामाजिक विज्ञान संकायों की शोध क्षमताओं को बढ़ाना है।
सचिव भानु प्रभा ने लद्दाख के शैक्षणिक परिदृश्य को सुदृढ़ बनाने में कॉलेज और आईसीएसएसआर के प्रयासों की प्रशंसा की और संकायों को सशक्त बनाने और शोध उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में कार्यक्रम की भूमिका पर प्रकाश डाला।
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि ईजेएम कॉलेज की एक समृद्ध विरासत है, लेकिन लद्दाख विश्वविद्यालय अभी भी अपेक्षाकृत युवा है, जो केवल 8-9 वर्षों से कार्यरत है। उन्होंने कहा कि यह शोध पहलों को तीव्र करने का आदर्श समय है। अपने विशाल भूदृश्यों और अद्वितीय भूगोल के साथ, लद्दाख देश भर के शोधकर्ताओं को आकर्षित करता रहता है और विद्वानों की खोज के लिए एक बहुत ही अनछुए क्षेत्र की पेशकश करता है।
उन्होंने कहा कि कई लोगों ने लद्दाख के बारे में विभिन्न स्रोतों से पढ़ा या सुना होगा लेकिन वास्तव में यह क्षेत्र शोधकर्ताओं के लिए एक सोने की खान है। विद्वानों के पास इसकी समृद्धि का अन्वेषण करने, निष्कर्षों का सावधानीपूर्वक दस्तावेजीकरण करने और अपने कार्यों को प्रकाशित करने का एक अनूठा अवसर है। समर्पण और ईमानदारी से किए गए शोध से दुनिया के सामने लद्दाख के बारे में बिल्कुल नई कहानियां सामने आ सकती हैं।
दो सप्ताह की इस पहल में डेटा-संचालित और भू-स्थानिक अनुसंधान विधियों पर विशेषज्ञ व्याख्यान और व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल होगा जिसका उद्देश्य प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव और उन्नत विश्लेषणात्मक कौशल प्रदान करना है।