सरकारी नौकरियों में स्थायी होने की मांग करते हुए सचिवालय की ओर बढ़ रहे सरकारी कर्मचारियों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज में पांच कर्मचारी घायल हो गए जबकि 100 को गिरफ्तार कर लिया।
घायल में से कुछ युनियन नेता भी है जिनको श्रीनगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। कर्मचारियों ने 27 अगस्त को जिला स्तर पर प्रदर्शन करने की धमकी सरकार की दी है।
अपनी मांगों के समर्थन में सचिवालय का घेराव करने के लिए उसके मुख्यद्वार पर पहुंचे कर्मचारियों को रोकने के लिए पुलिस को आज दोपहर भारी बलप्रयोग करना पड़ा।
अर्ध सैनिक बलों के दल ने आगे जाने से रोका
जहांगीर चौंक से शुरू हुआ जलूस जैसे ही सचिवालय के करीब पहुंचा वहां पहले से मौजूद पुलिस तथा अर्ध सैनिक बलों के दल ने उनको आगे जाने से रोक दिया।
नारेबाजी करते हुए जैसे ही उन्होंने आगे बढ़ने का प्रयास किया। उन पर पानी को बौछारें फेंकी गई। जब वो नहीं माने तो पुलिस ने उनको भगाने के लिए लाठीचार्ज किया जिसमें कई लोग घायल हो गए।
इस प्रदर्शन में पांच कर्मचारियों के घायल होने की जानकारी मिली है जिनमें एक कर्मचारी को गंभीर चोटें आई हैं। घायलों में जेएण्डके लेफ्ट आउट डेली रेटड वर्कस ऐसोसियशन के चेयरमैन मीर तारिक पंपोरी भी शामिल हैं।
100 कर्मचारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया
उन्होंने बताया कि कुल पांच कर्मचारियों को चोटें लगने के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया है जिनमें एक की हालत गंभीर बनी हुई है। उनके अनुसार 100 कर्मचारियों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है।
उन्होंने कहा कि इन प्रदर्शनों के दौरान लोगों को पर्चियां बांटी जाएगी जिसमें अगामी विधानसभा चुनावों में किसी भी दल को वोट ना डालने की अपील होगी। उन्होंने वर्तमान उमर सरकार पर कर्मचारियों के साथ वादा खिलाफी करने का अरोप भी लगाया।