फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कारगिल: झील फटने से 15 पुल समेत बौद्ध स्कूल बहा

विज्ञापन
विज्ञापन
रियासत के मंत्रियों और अधिकारियों की उच्च स्तरीय टीम ने शुक्रवार को कारगिल के जंस्कार इलाके में फुकटल नदी में कृत्रिम झील फटने से हुए नुकसान का जायजा लिया। टीम ने एरियल सर्वे किया और नुकसान से हुई तबाही की अधिकारियों से जानकारी भी हासिल की।
विज्ञापन


लद्दाख मामलों के मंत्री शेरिंग दोरजे ने बताया कि लगभग 50 करोड़ के ढांचे को नुकसान पहुंचा है। पीएचई मंत्री सुखनंदन कुमार, सहकारिता और लद्दाख मामलों के मंत्री शेरिंग दोरजे, विधान परिषद के चेयरमैन हाजी इनायत अली और खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के वाइस चेयरमैन सईद बाकिर रिजवी ने जंस्कार और लेह का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया।

इस दौरान एनडीएमए के संयुक्त सलाहकार धीरेंद्र सिंह सिंधु, एनएचपीसी के मुख्य भू विज्ञानी बीडी पतनी की विशेषज्ञों की टीम ने जानकारी दी कि 14 किलोमीटर के दायरे में फैली कृत्रिम झील का अधिकतम पानी निकल चुका है।
विज्ञापन

सीएम मुफ्ती को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

अब चार से पांच किलोमीटर के दायरे में ही न्यूनतम जलस्तर रह गया है और खतरा टल चुका है। उन्होंने बताया कि एरियल सर्वे से स्थिति की निगरानी की जा रही है। तुरंत शुरू किए गए राहत एवं बचाव कार्यों की वजह से कोई जानी नुकसान नहीं हो पाया है।

दौरे में शामिल मंत्री शेरिंग दोरजे और सुखनंदन कुमार ने अमर उजाला को बताया कि झील फटने से आई बाढ़ में 15 पुल बहे हैं। इनमें तीन महत्वपूर्ण लुंगनाक घाटी को जोड़ने वाला पुल और लेह का नायराकस और चिलिंग काया स्टील पुल शामिल है।

एक बौद्ध स्कूल भी लुंगनाक घाटी में बह गया है। करीब पचास करोड़ के ढांचे का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद को नुकसान की रिपोर्ट सौंपकर जल्द राशि जारी करने का आग्रह किया जाएगा ताकि क्षतिग्रस्त ढांचे को जल्द बहाल किया जा सके।

राहत वाली बात यह है कि किसी जानी नुकसान की कोई खबर नहीं है।
विज्ञापन

लद्दाखी विद्यार्थी आपदा प्रबंधन पर बरसे

लद्दाख के कारगिल जिले में फुकटल दरिया में बनी कृत्रिम झील के फट जाने और आपदा प्रबंधन की ओर से पुख्ता प्रबंध नहीं होने के विरोध में लद्दाखी विद्यार्थियों ने प्रेस क्लब के बाहर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान काफी संख्या में शामिल हुए विद्यार्थियों ने हाथों में बैनर लेकर सरकार और आपदा प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे लद्दाखी स्टूडेंट एसोसिएशन के प्रधान टुडुंप वांग्याल ने कहा कि पहले राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन की ओर से आश्वासन दिया गया था कि झील की स्थिति को अब नियंत्रित कर दिया गया है, लेकिन अब झील के फटने से काफी नुकसान हुआ है, जिसमें सात लकड़ी के पुल, तीन मोटरेबल पुल और कई सारे गांव चपेट में आए हैं।

पुलों के क्षतिग्रस्त होने के कारण आसपास इलाकों में स्थित स्कूलों में जाने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो गई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की स्थिति सेे निपटने के लिए आपदा प्रबंधन को पुख्ता कदम उठाने चाहिए थे। प्रदर्शन कर रहे लद्दाखी विद्यार्थियों ने कहा कि हमारी मांग है कि क्षतिग्रस्त हुए पुलों का निर्माण शीघ्र किया जाए। साथ ही प्रभावित लोगों को राहत राशि और अन्य सुविधा मुहैया करवाई जाए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें